रामलला की पहली संपूर्ण तस्वीर देखकर भक्तों ने सोशल मीडिया पर लगाये श्री राम के नारे

आज जो तस्वीर सामने आई है वह इस मूर्ति के निर्माण के दौरान की संपूर्ण तस्वीर है। राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित इस मूर्ति को मैसूर (कर्नाटक)के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने तैयार किया है। भगवान राम की नई मूर्ति बृहस्पतिवार की दोपहर राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रखी गई।  51 इंच की रामलला की मूर्ति को बुधवार की रात मंदिर में लाया गया था। भगवान राम की मूर्ति को पूरे वैदिक मंत्रोचार के बीच गर्भ गृह में रखा गया। 
 
ram

कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाई है प्रतिमा

21 जनवरी तक जारी रहेंगे अनुष्ठाान

22 जनवरी के बाद आम जनता के लिए खुलेगा मंदिर

अयोध्या। सोशल मीडिया पर रामलला के चेहरे वाली एक संपूर्ण तस्वीर सामने आई है। इसमें रामलला की पूरी छवि स्पष्ट नजर आ रही है। यह तस्वीर मूर्ति के निर्माण के दौरान की है। हालांकि बृहस्पतिवार को जब रामलला को गर्भगृह में स्थापित किया गया उस वक्त उनकी प्रतिमा पर कपड़े की पट्टी लिपटी हुई थी और उनका चेहरा ढंका हुआ था। 22 जनवरी को होनेवाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उनके चेहरे की पट्टी हटाई जाएगी।


कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाई है प्रतिमा


दरअसल, आज जो तस्वीर सामने आई है वह इस मूर्ति के निर्माण के दौरान की संपूर्ण तस्वीर है। राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित इस मूर्ति को मैसूर (कर्नाटक)के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने तैयार किया है। भगवान राम की नई मूर्ति बृहस्पतिवार की दोपहर राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रखी गई।  51 इंच की रामलला की मूर्ति को बुधवार की रात मंदिर में लाया गया था। भगवान राम की मूर्ति को पूरे वैदिक मंत्रोचार के बीच गर्भ गृह में रखा गया। 

21 जनवरी तक जारी रहेंगे अनुष्ठाान

ram


आज सुबह नौ बजे अरणिमन्थन से अग्नि प्रकट किया गया।  इससे पहले बुधवार को कलश पूजन का आयोजन किया गया। राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार अनुष्ठान 21 जनवरी तक जारी रहेंगे और प्राण प्रतिष्ठा के दिन रामलला की मूर्ति की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए हर जरूरी अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 121 ‘आचार्य’ अनुष्ठान का संचालन कर रहे हैं। राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ कार्यक्रम 22 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर एक बजे समाप्त होने की उम्मीद है।

22 जनवरी के बाद आम जनता के लिए खुलेगा मंदिर


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे, जिसके अगले दिन मंदिर जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है। मंदिर में प्रतिष्ठा समारोह की रस्में पहले ही शुरू हो चुकी हैं। दिसंबर 1992 में कारसेवकों ने विवादित स्थल पर मौजूद बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नौ नवंबर 2019 को इस मामले में निर्णय देते हुए विवादित स्थल पर मंदिर बनाने और मुसलमान को अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था। 

From Around the web