Moradabad News : डिलारी में झाड़ियों से निकले तेंदुए ने मजदूर को किया लहूलुहान

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मुरादाबाद (डिलारी)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह डिलारी क्षेत्र में उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब काम पर जा रहे एक मजदूर पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए (Leopard) ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुए के इस जानलेवा हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष है।

झाड़ियों से अचानक निकला तेंदुआ, किया हमला

जानकारी के अनुसार, डिलारी निवासी बाबू पेशे से मजदूर है। बुधवार सुबह करीब 7:45 बजे वह अपने घर से काम पर जाने के लिए निकला था। रास्ते में जब वह सुनसान इलाके से गुजर रहा था, तभी झाड़ियों में पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। तेंदुए ने मजदूर को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।

घटना पर एक नज़र (Quick Facts):

विवरणजानकारी
घटनास्थलडिलारी क्षेत्र (मुरादाबाद)
घटना का समयबुधवार सुबह करीब 7:45 बजे
घायल का नामबाबू (मजदूर)
हमलावरतेंदुआ (Leopard)
वर्तमान स्थितिहालत नाजुक, जिला अस्पताल मुरादाबाद में इलाज जारी

ग्रामीणों की भीड़ देख भागा, जिला अस्पताल रेफर

तेंदुए के हमले से घबराए बाबू ने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके की ओर दौड़े। लोगों की भारी भीड़ और शोर-शराबा देखकर तेंदुआ घबरा गया और मजदूर को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

इसके बाद ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए एंबुलेंस को सूचना दी और लहूलुहान बाबू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डिलारी पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि बाबू के शरीर पर तेंदुए के नाखूनों और दांतों के गहरे निशान हैं। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उसे मुरादाबाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।

वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग

इस खौफनाक घटना के बाद पूरे डिलारी क्षेत्र में भय का माहौल है। लोग अकेले घरों से बाहर निकलने और खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पहले भी जंगली जानवरों की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाए, क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और गांव के आसपास निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि किसानों और आम राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।