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मुरादाबाद की एकता आवासीय बस्ती में शराब की दुकान को लेकर हुआ भारी विरोध प्रदर्शन

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मुरादाबाद। मुरादाबाद जनपद में मंगलवार को एक रिहायशी इलाके में खुली शराब (मदिरा) की दुकान के भारी विरोध में स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में तख्तियां और मांग-पत्र लेकर नौनिहाल सड़क पर उतर आए और मदिरालय को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस उग्र प्रदर्शन में बच्चों के साथ उनके अभिभावक और विद्यालय के शिक्षक भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

असामाजिक तत्वों के जमावड़े से भयभीत हैं महिलाएं यह पूरा प्रकरण मझोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ‘एकता आवासीय बस्ती’ का है। मंगलवार अपराह्न लगभग दो बजे बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और महिलाएं शराब की दुकान के विरोध में सड़क पर उतर आए। स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि इस घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में मदिरालय होने के कारण प्रतिदिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। आक्रोशित महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि शराब की दुकान के कारण उन्हें और उनकी बच्चियों को घर से बाहर निकलने में भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण और शांति भंग हो रही है।

जिलाधिकारी ने संभाला मोर्चा, ध्वनि विस्तारक यंत्र से की बात भारी विरोध-प्रदर्शन और हंगामे की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेसिया भारी सुरक्षा बल (आरक्षी दल) के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। बच्चों और महिलाओं के भारी जनसमूह को देखते हुए, जिलाधिकारी ने स्वयं ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) संभाला और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अत्यंत धैर्यपूर्वक लोगों की शिकायतें सुनीं और इस संवेदनशील प्रकरण को पूरी गंभीरता से लेने का दृढ़ आश्वासन दिया।

आबकारी विभाग तलब, जांच के आदेश जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी तत्काल मौके पर तलब किया। जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मझोला थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में भारी सुरक्षा बल और मंडी समिति चौकी प्रभारी आनंदपाल सिंह भी प्रशासनिक दल के साथ मुस्तैद रहे।

जिलाधिकारी और आबकारी अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह को भरोसा दिलाया कि शराब की दुकान के संबंध में प्राप्त शिकायतों की नियमानुसार सघन जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेसिया ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं तथा जांच आख्या (रिपोर्ट) में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर तत्काल प्रभावी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उच्चाधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के पश्चात आक्रोशित बच्चे और महिलाएं शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया गया।