संभल। संभल जनपद में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बुधवार को एक अत्यंत बड़ी और कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पट्टे की भूमि की पैमाइश (माप-जोख) करने के नाम पर एक किसान से रिश्वत मांगने वाले लेखपाल को मुरादाबाद के भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (एंटी करप्शन) ने मुख्य राजमार्ग पर अत्यंत नाटकीय अंदाज में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही घूस की रकम आरोपी के हाथों में आई, पहले से गुप्त निगरानी कर रहे दस्ते ने सक्रिय होकर क्षण भर में उसे दबोच लिया। इस आकस्मिक और सख्त कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
राजमार्ग पर बिछाया गया था जाल बुधवार दोपहर भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता पूरी तैयारी के साथ आरोपी लेखपाल की गतिविधियों पर पैनी दृष्टि रखे हुए था। किसान की शिकायत की पुष्टि होने के पश्चात दस्ते ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। किसान से घूस के रुपये लेने के तुरंत बाद जैसे ही आरोपी अपने दुपहिया वाहन से भागने का प्रयास करने लगा, राजमार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे दस्ते ने उसे चारों ओर से घेर लिया। बीच मार्ग पर अचानक हुई इस त्वरित कार्रवाई को देखकर वहां उपस्थित आम नागरिक भी हतप्रभ रह गए।
भूमि पैमाइश के नाम पर मांगी गई थी घूस प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी लेखपाल द्वारा पट्टे की भूमि की पैमाइश कराने के एवज में किसान से धन की मांग की गई थी। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत भ्रष्टाचार निवारण इकाई ने पूरे प्रकरण का भली-भांति सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से जाल बुना। जैसे ही तय की गई रिश्वत की रकम आरोपी तक पहुंची, उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
तलाशी में बरामद हुए घूस के 10 हजार रुपये गिरफ्तारी के तुरंत पश्चात दस्ते ने आरोपी की सघन तलाशी ली, जिसमें उसके पास से रिश्वत के 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इसके उपरांत उसे हिरासत में लेकर संबंधित थाने ले जाया गया, जहां उसके विरुद्ध ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई आरंभ कर दी गई है।
राजस्व विभाग में मची खलबली और जनता में जगा विश्वास रिश्वतखोर लेखपाल की गिरफ्तारी का समाचार फैलते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी खलबली मच गई। सरकारी कार्य के बदले घूस लेने के आरोप में हुई इस सख्त कार्रवाई को पूरे विभाग के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। वहीं, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार के विरुद्ध ऐसी निरंतर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की कठोर कार्रवाई से आम जनमानस का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा और अधिक सुदृढ़ होगा तथा रिश्वतखोरी पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।