(मुरादाबाद): पर्व और त्योहारों की असली सार्थकता तब सिद्ध होती है, जब खुशियों को समाज के हर वर्ग और जरूरतमंदों के साथ साझा किया जाए। रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कुछ ऐसा ही अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। वह मिलनविहार स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे और वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार की खुशियां मनाईं।
बुजुर्गों के साथ बिताया समय, सुनी समस्याएं
जिलाधिकारी के अचानक वृद्धाश्रम पहुंचने पर वहां रह रहे बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे और चारों तरफ खुशी का माहौल बन गया।
- डीएम राजेंद्र पैंसिया ने वृद्धजनों के साथ काफी समय बिताया और उनकी दैनिक दिनचर्या, स्वास्थ्य तथा वृद्धाश्रम में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
- उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
- डीएम ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव व आशीर्वाद हमारे लिए प्रेरणा हैं। वृद्धजनों की देखभाल, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सबका कर्तव्य है।
स्वास्थ्य को लेकर विशेष पहल: महीने में लगेंगे दो मेडिकल कैंप
वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आश्रम में हर महीने दो बार विशेष चिकित्सा शिविर (Medical Camp) आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के जरिए वृद्धजनों के स्वास्थ्य की नियमित जांच होगी और जरूरत के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय परामर्श व दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘खुद को अकेला न समझें, प्रशासन आपके साथ है’
बुजुर्गों के साथ भावनात्मक संवाद करते हुए डीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे खुद को कभी भी अकेला न समझें। प्रशासन उनकी हर समस्या के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है। जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता और पहल से वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के चेहरों पर जो संतोष और खुशी दिखाई दी, उसने पर्व के माहौल को और भी खास बना दिया।