मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। संक्रमण के प्रसार को रोकने और आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. कुलदीप सिंह ने एक जरूरी स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।
H1N1 से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें?
सीएमओ ने अपनी एडवाइजरी में संक्रमण से बचने के लिए कुछ बुनियादी लेकिन बेहद जरूरी उपाय बताए हैं:
- खांसते या छींकते समय हमेशा रूमाल, कपड़े या टिश्यू का इस्तेमाल करें।
- बातचीत के दौरान लोगों से उचित दूरी बनाए रखें और कम से कम लोगों से हाथ मिलाएं।
- किसी संक्रमित वस्तु को छूने के बाद और खाना खाने से पहले हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से अच्छी तरह धोएं।
- भीड़भाड़ या उच्च जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- कोई भी समस्या होने पर खुद से दवा न लें, केवल योग्य चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराएं।
लक्षणों के आधार पर मरीजों की 3 श्रेणियां (A, B, C)
स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 संक्रमण के लक्षणों की गंभीरता को देखते हुए मरीजों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया है:
- श्रेणी-A (हल्के लक्षण): इस श्रेणी में वे मरीज आते हैं जिन्हें हल्का बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत है।
- श्रेणी-B (हाई रिस्क): श्रेणी-A के लक्षणों के साथ इसमें हाई रिस्क वाले लोग शामिल हैं। जैसे- पहले से बीमार बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, और कैंसर, एचआईवी, मधुमेह (Diabetes), फेफड़े व हृदय रोग से ग्रसित मरीज।
- श्रेणी-C (गंभीर लक्षण): जब श्रेणी-A और B के लक्षणों के साथ मरीज की सांस फूलने लगे, सीने में दर्द हो, ब्लड प्रेशर गिर जाए, नाखूनों का रंग नीला पड़ने लगे, बलगम में खून आए या लगातार तेज बुखार रहे।
किसे है H1N1 जांच की जरूरत?
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रेणी-A और श्रेणी-B के मरीजों को इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) की प्रयोगशाला जांच (Lab Test) कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। केवल श्रेणी-C वाले गंभीर मरीजों के लिए ही लैब जांच जरूरी है। ऐसे मरीजों के सैंपल कलेक्शन की सुविधा मुरादाबाद जिला चिकित्सालय (District Hospital) में उपलब्ध करा दी गई है।