देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां एक ओर कुमाऊं और गढ़वाल के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है, वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया है। लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया है।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, तापमान में आई गिरावट
पिथौरागढ़ की पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं, चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों (नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत) तथा हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी व आसपास की चोटियों पर भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। उच्च शिखरों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश से समूचे पर्वतीय क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई है।
बागेश्वर में लैंडस्लाइड, कुमाऊं में नदियां उफान पर
कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। बागेश्वर में कई जगहों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के चलते सड़कें बाधित हुई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में एहतियातन कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हादसा: पत्थर गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत
उधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक महिला तीर्थयात्री की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान 60 वर्षीय मंगल अपाराव सिंधे (निवासी निम गांव, सोलापुर, महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। हादसे और लगातार गिरते पत्थरों के खतरे को देखते हुए प्रशासन व पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सोनप्रयाग और गौरीकुंड में यात्रा को अस्थायी तौर पर रोक दिया, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु सुरक्षित पड़ावों पर रुके रहे।
मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों व नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन दलों को संवेदनशील मार्गों पर तैनात रखा गया है।