लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार इन महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने के लिए 1 लाख रुपये की ब्याजमुक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। यह धनराशि महिलाओं को विशेष क्रेडिट कार्ड के जरिए तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों (DBT) में दी जाएगी।
तीन किस्तों में मिलेंगे 1 लाख रुपये; दिसंबर में आएगी पहली किस्त यह योजना आगामी तीन वर्षों के लिए लागू की जाएगी। योजना के तहत सहायता राशि सीधे किस्तों में वितरित की जाएगी:
- पहली किस्त: दिसंबर में 20,000 रुपये का ब्याजमुक्त क्रेडिट जारी किया जाएगा।
- दूसरी किस्त: पहली किस्त चुकाने के बाद 30,000 रुपये की दूसरी किस्त मिलेगी।
- तीसरी किस्त: इसके बाद कारोबार को विस्तार देने के लिए 50,000 रुपये की तीसरी किस्त प्रदान की जाएगी।
महिलाओं को मिलेगा विशेष क्रेडिट कार्ड उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को योजना भवन में ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस योजना की रूपरेखा पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक करोड़ महिलाओं (दीदियों) को इस योजना का लाभ देने के लिए एक विशेष क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इस राशि से महिलाएं अपने नए लघु व कुटीर उद्योग शुरू कर सकेंगी या मौजूदा व्यवसाय को बढ़ा सकेंगी।
डीबीटी के जरिए सीधा भुगतान, बिचौलियों पर लगेगी लगाम उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की पूरी धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे महिलाओं के खातों में भेजी जाए, ताकि बिचौलियों की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था को महिलाओं के लिए और अधिक सुगम बनाने तथा प्रशिक्षित समूह दीदियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए गए हैं।