टनकपुर (चम्पावत): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखण्ड की असली पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में है। राज्य सरकार प्रदेश के विकास को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ यहाँ की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ‘आदर्श चम्पावत’ के विजन और जिले में चल रही विकास परियोजनाओं का खाका जनता के सामने रखा।
सीएम धामी के दौरे और संबोधन की मुख्य बातें:
- ‘आदर्श चम्पावत’ का विजन: चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और धार्मिक पर्यटन को आधुनिक विकास से जोड़कर एक प्रभावी विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है।
- विकास परियोजनाओं की सौगात:
- टनकपुर में 237.74 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक आईएसबीटी (ISBT) का निर्माण किया जा रहा है।
- इसके अलावा शारदा घाट का सौंदर्यीकरण और ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
- पूर्णागिरि धाम के लिए विशेष सुविधा: धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए ककराली गेट से मां पूर्णागिरि धाम तक 8.10 करोड़ रुपये की लागत से विशेष प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) की जा रही है।
- खिलाड़ियों से संवाद: मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्पोर्ट्स हॉस्टल पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
- ‘मुख्य सेवक संवाद’: सीएम कैंप कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीधे आम जनता से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं।
अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और राज्य दोनों ही ‘विकास और विरासत’ को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं से न सिर्फ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हों।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, डीएम मनीष कुमार, एसपी रेखा यादव, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।