जयपुर: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। चुनाव 4 चरणों में होंगे। पंच, सरपंच और जिला परिषद सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजस्थान में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक करीब 2 महीने तक लागू रहेगी।
13 अक्टूबर तक दाखिल कर सकेंगे पर्चा
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर तय की गई है। उम्मीदवार 15 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। पहले चरण में जैसलमेर और फलोदी में एक साथ मतदान होगा। इसके बाद अलग-अलग चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही उम्मीदवारों और स्थानीय स्तर पर चुनावी तैयारियां तेज होने की उम्मीद है।
जानें किन तारीखों पर होगा मतदान
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 4 चरणों में होगा। पहला चरण 23 अक्टूबर, दूसरा चरण 29 अक्टूबर, तीसरा चरण 4 नवंबर और चौथा चरण 14 नवंबर को होगा। इन चुनावों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समितियों के सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों और मतदान केंद्रों की व्यवस्था की है।
3.17 लाख कर्मचारी संभालेंगे चुनाव
राजस्थान में पंचायत चुनाव कराने के लिए कुल 3.17 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पूरे राज्य में 45,384 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। 4 चरणों में होने वाले मतदान के दौरान इन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और चुनावी व्यवस्था की जिम्मेदारी तैनात कर्मचारियों की होगी।
उम्मीदवारों के खर्च की सीमा तय
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा भी तय की गई है। जिला परिषद सदस्य के उम्मीदवार अधिकतम 3 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 1.50 लाख रुपये तय की गई है। सरपंच पद के उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये होगी। इससे ज्यादा खर्च की अनुमति नहीं होगी।
रैली और विजय जुलूस पर रोक
चुनाव के दौरान कई तरह की पाबंदियां भी लागू रहेंगी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान रैलियां निकालने पर पूरी तरह रोक रहेगी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस भी नहीं निकाले जा सकेंगे। इसके अलावा सरकार के स्तर पर नए वर्क ऑर्डर जारी करने पर भी रोक रहेगी। ये प्रतिबंध आदर्श आचार संहिता लागू रहने तक प्रभावी रहेंगे।
नवंबर में चुने जाएंगे प्रमुख और प्रधान
चुनावी प्रक्रिया केवल मतदान तक सीमित नहीं रहेगी। प्रधान का चुनाव 25 नवंबर को होगा, जबकि उप-प्रधान का चुनाव 26 नवंबर को कराया जाएगा। इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 27 नवंबर को होगा। उप-जिला प्रमुख का चुनाव 28 नवंबर को होगा। इन चुनावों के साथ ही राजस्थान में 2026 के पंचायती राज चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।