अंबाला। अंबाला सेंट्रल जेल में कैदियों की रिहाई को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जेल प्रशासन ने एक कैदी की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को ही रिहा कर दिया — ऐसा आरोप खुद उस कैदी और उसके परिवार ने लगाया है। मामला संज्ञान में आने पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने जेल महानिदेशक (डीजी प्रिजन) को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
अंबाला जिले के बलाना गांव का रहने वाला यह युवक एक मारपीट के मामले में अंबाला सेंट्रल जेल में बंद था और हाल ही में उसे जमानत मिल गई थी। रिहाई के दिन जब परिवार जेल पहुंचा, तो प्रशासन ने बताया कि वह पहले ही घर जा चुका है। घर पर कहीं न मिलने पर परिवार फिर जेल गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
कोर्ट में पेशी के वक्त खुला राज
करीब एक हफ्ते बाद परिवार को पता चला कि युवक को फिर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। कैदी ने परिवार को बताया कि जेल प्रशासन ने उसकी जगह गलती से किसी और को छोड़ दिया था और अपनी गलती छिपाने के लिए उसे फर्जी केस में दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। परिवार ने जेल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई और कथित फर्जी केस रद्द करने की मांग की है।
अनिल विज बोले — गंभीर मामला
अनिल विज ने कहा कि जेल प्रशासन की मिलीभगत के बिना किसी की जगह किसी और की रिहाई संभव नहीं है। उन्होंने चेताया कि अगर इस तरह कैदी छोड़ा जा सकता है, तो यह किसी बड़े अपराधी को छुड़ाने का तरीका भी बन सकता है। उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। (स्रोत: पीटीआई रिपोर्ट)

