जींद। साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर जींद के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग से करीब ₹1 करोड़ की ठगी कर ली। सफीदों के आदर्श बस्ती निवासी रिटायर्ड कर्मचारी हवा सिंह को ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाया। साइबर क्राइम थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे फंसाया जाल में
ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है और उनके बैंक खाते में संदिग्ध पैसा मिला है। ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर पूरी रकम एक ‘सुरक्षित खाते’ में ट्रांसफर करने को कहा गया और आश्वासन दिया गया कि मामला सुलझते ही पैसा वापस मिल जाएगा।
मार्च में 7 दिन रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’ में
ठगों ने 12 से 19 मार्च तक बुजुर्ग को लगातार वर्चुअल निगरानी में रखा और खुद को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में बताया। कानूनी डर के चलते हवा सिंह ने ठगों के बताए खातों में ₹98.25 लाख ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगे जाने का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस की सलाह — रहें सतर्क
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने साफ किया है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती और न ही ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर पैसा ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं, तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

