नई दिल्ली, 5 अक्टूबर: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए bonus का ऐलान होने वाला है, लेकिन इस बार भी जेब में ज़्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद कम है। Ad-hoc (non-productivity linked) bonus की गणना 7,000 रुपये मासिक की ceiling पर होती है — यह सीमा 2014-15 से नहीं बदली है। फॉर्मूले (7,000 ÷ 30.4 × 30 दिन) के हिसाब से 30 दिन का अधिकतम bonus 6,908 रुपये बनता है। Railway कर्मचारियों को 78 दिन का Productivity Linked Bonus मिलता है, जो 17,951 रुपये तक पहुंचता है।
डाक विभाग के कर्मचारियों को इस बार झटका लगा है — वित्त मंत्रालय ने 120 दिन के bonus के प्रस्ताव को ठुकराकर सिर्फ 60 दिन का bonus मंज़ूर किया है। वहीं, कर्मचारी संगठनों की मांग तेज़ है: NC-JCM ने 27 अगस्त 2026 को Cabinet Secretary को पत्र लिखकर ceiling 7,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है। अगर यह मंज़ूर हुआ, तो ad-hoc bonus 6,908 से बढ़कर 20,724 रुपये हो जाएगा। Casual workers को 1,184 रुपये मिलेंगे। Private sector कर्मचारियों के लिए कानूनन न्यूनतम 8.33 फीसदी bonus का अधिकार है, जिसकी deadline 30 नवंबर 2026 है।

