खटीमा: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री एक अलग ही अंदाज में नजर आए; उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों से न सिर्फ बातचीत की, बल्कि उन्हें अपने हाथों से भोजन परोसकर उनके साथ समय बिताया। सीएम ने कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं, माताओं और आंगनबाड़ी-आशा कार्यकत्रियों से सीधा संवाद कर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
- गोदभराई और अन्नप्राशन: मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म में हिस्सा लिया और 10 महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट बांटी। इसके अलावा 10 लाभार्थियों को ‘महालक्ष्मी किट’ प्रदान की गई और 5 नन्हे बच्चों का सीएम ने अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया।
- कार्यकत्रियों का सम्मान: जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने वाली 9 आंगनबाड़ी और 2 आशा कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री ने उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया।
- पीएम मोदी के 25 वर्ष: सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके सेवा भाव और समर्पण को देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य व पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने राज्य में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा:
- दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए ‘बर्थ वेटिंग होम’ बनाए जा रहे हैं।
- आपातकालीन स्थिति में गर्भवती महिलाओं के लिए ‘हेली एंबुलेंस’ (Heli-Ambulance) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महालक्ष्मी किट योजना और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के जरिए माताओं और नवजात शिशुओं को जरूरी आर्थिक मदद और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ भविष्य की नींव सीएम धामी ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा, स्नेह और संवाद को हर घर तक पहुंचाना है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ भविष्य, प्रारंभिक शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव तैयार करने वाला महत्वपूर्ण संस्थान बताया। अंत में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों की सेवा भावना को नमन करते हुए कहा कि सरकार, समाज और परिवार के साथ मिलकर ही एक सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण संभव है।

