नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ नई झाड़ू खरीदने की परंपरा भी है। सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यता है। लोक मान्यता के अनुसार झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास होता है, क्योंकि झाड़ू घर से गंदगी और दरिद्रता को बाहर निकालती है।
मान्यता है कि धनतेरस के दिन नई झाड़ू घर लाने से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसीलिए इस दिन बाजारों में झाड़ू की दुकानों पर भी भीड़ देखी जाती है। कुछ परिवारों में धनतेरस को झाड़ू के साथ नमक या साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है।
झाड़ू से जुड़े नियम भी हैं: झाड़ू को कभी पैर न लगाएं और उसे खड़ी करके न रखें — लेटाकर किसी कोने में रखें। सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से बचें, ऐसी मान्यता है। टूटी झाड़ू को घर में न रखें; धनतेरस के दिन पुरानी झाड़ू हटाकर नई लाना शुभ माना गया है। झाड़ू को छिपाकर रखना भी परंपरा का हिस्सा है, ताकि उस पर किसी की नजर न पड़े। मान्यता यह भी है कि धनतेरस को खरीदी झाड़ू से दीपावली के दिन सफाई करने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। बुजुर्गों का कहना है कि झाड़ू का अपमान करने से घर की बरकत चली जाती है।
स्रोत: लोक मान्यता

