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15 अक्टूबर से UPI का नया नियम: ₹2,000 से ऊपर पेमेंट पर 0.4% MDR, ग्राहक की जेब पर क्या असर होगा

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर नया नियम लागू होगा, जिसे लेकर आम लोगों का सबसे बड़ा सवाल है — क्या अब पेमेंट पर extra charge देना पड़ेगा? जवाब है: नहीं। नया 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) सिर्फ चुनिंदा person-to-merchant (P2M) लेनदेन पर लागू होगा, वह भी ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर। यह शुल्क दुकानदार वहन करेगा — ग्राहक से अलग से नहीं लिया जा सकता।

मुख्य बिंदु: 0.4% MDR अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन तक सीमित रहेगा — यानी ₹75,000 या उससे अधिक के eligible लेनदेन पर भी charge ₹300 से ज्यादा नहीं। जैसे ₹10,000 के पेमेंट पर merchant ₹40 देगा। person-to-person (P2P) transfer किसी भी रकम पर फ्री रहेंगे। ₹2,000 तक के merchant पेमेंट पर भी कोई MDR नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक 95% से ज्यादा रोजमर्रा के merchant लेनदेन इस दायरे से बाहर हैं। छोटे दुकानदारों को पात्रता शर्तों के तहत छूट मिलेगी। रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम और बीमा में ₹2,000 से ऊपर पर फ्लैट ₹5 MDR तय है, जबकि capital-market लेनदेन पर 0.02% (अधिकतम ₹300) लगेगा।

यह बदलाव 2020 से चले आ रहे zero-MDR मॉडल की जगह ले रहा है। NPCI का तर्क है कि payment infrastructure और cybersecurity की बढ़ती लागत के लिए sustainable revenue model जरूरी है; राशि सरकार को नहीं, बल्कि payment ecosystem के हिस्सेदारों में बंटेगी। 28 सितंबर को Supreme Court ने रोक से इनकार कर दिया, जिससे 15 अक्टूबर से रोलआउट तय है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि शुल्क व्यापारी देगा; वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देश दिया है कि व्यापारी यह charge बिल में जोड़कर वसूल न करें।

सलाह: ₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर अगर दुकानदार अलग “UPI charge” मांगे, तो मना करें और बैंक या NPCI से शिकायत करें।

स्रोत: Latestly, Financial News India, PTI (Dainik Jagran English) की रिपोर्ट्स