नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: गरीब बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलने वाली केंद्र सरकार की पेंशन योजना अब पांच साल और जारी रहेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी, जिसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजट रखा गया है। करीब 3.20 करोड़ लाभार्थी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका फायदा उठाएंगे।
साथ ही योजना और उसकी उप-योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं। NSAP अब ‘प्रधानमंत्री समाजिक सहायता योजना’ कहलाएगी। वृद्धावस्था पेंशन ‘प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना’, विधवा पेंशन ‘प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना’, दिव्यांग पेंशन ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ और परिवार लाभ योजना ‘प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना’ के नाम से जानी जाएगी।
सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांगजन पेंशन में हुआ है। अब 80% की जगह 40% दिव्यांगता वाले भी पेंशन के हकदार होंगे, और न्यूनतम आयु जन्म से ही मानी जाएगी। 0 से 79 वर्ष के आयु वर्ग को ₹375 और 80 वर्ष से ऊपर वालों को ₹625 प्रति माह मिलेंगे। बुजुर्गों, विधवाओं और परिवार लाभ योजना के नियम पहले जैसे ही रहेंगे।
मौजूदा लाभार्थियों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा — पेंशन उनके बैंक खातों में पहले की तरह DBT से आती रहेगी। नए दिव्यांग लाभार्थी अपने जिले के समाज कल्याण विभाग में आवेदन कर सकते हैं।
स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय और केंद्रीय मंत्रिमंडल की विज्ञप्ति, 14 अक्टूबर 2026

