अमरोहा, 15 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सस्ती सौर बिजली की राह खुल गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के कंपोनेंट C-2 के तहत कई सौर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के जरिए कृषि फीडरों के सौरिकरण से किसानों को दिन में सस्ती बिजली मिलेगी।
सबसे बड़ी परियोजना अमरोहा में है, जहां 6.8 मेगावाट की सौर परियोजना को 2.99 रुपये प्रति यूनिट के टैरिफ पर मंजूरी मिली है। वहीं सबसे सस्ता टैरिफ 2.91 रुपये प्रति यूनिट चित्रकूट की 1.7 मेगावाट परियोजना के लिए तय हुआ। मथुरा की 2.3 मेगावाट परियोजना को 2.93 रुपये और कानपुर नगर की 1.3 मेगावाट परियोजना को 2.95 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ मिला है। हापुड़, सहारनपुर, मथुरा और अमरोहा की अन्य परियोजनाएं 2.99 रुपये प्रति यूनिट पर मंजूर हुई हैं।
यह खरीद प्रक्रिया उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) और UPPCL ने टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए पूरी की है। UPERC ने कहा कि सफल बोलीदाताओं के साथ बोली दस्तावेजों के अनुसार बिजली खरीद समझौते (PPA) किए गए हैं।
PM-KUSUM का C-2 घटक कृषि फीडरों के सौरिकरण पर केंद्रित है, जिसका मकसद किसानों की बिजली मांग को सौर ऊर्जा से पूरा करना है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे डीजल पंपों पर निर्भरता घटेगी और किसानों की लागत कम होगी।
स्रोत: Saur Energy

