नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा और इस दिन सुहागिनें चांद देखकर ही व्रत खोलती हैं। दिल्ली में चांद निकलने का समय रात करीब 8:17 बजे माना गया है, लेकिन कई बार बादल या धुंध के कारण चांद समय पर दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि चांद न दिखे तो व्रत कैसे खोला जाए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार करवा चौथ का व्रत चांद को अर्घ्य देने के बाद ही खोला जाता है, इसलिए जल्दबाजी में व्रत तोड़ना उचित नहीं माना जाता। अगर आसमान में बादल छाए हों तो कुछ देर प्रतीक्षा करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बादल छंटने पर चांद दिखाई दे सकता है। कई परिवारों में बुजुर्गों की सलाह पर चांद निकलने के समय के बाद, चांद की दिशा में अर्घ्य देकर पूजा पूरी करने की परंपरा भी है, हालांकि यह परंपरा हर जगह एक जैसी नहीं है।
ऐसी स्थिति में सबसे सही तरीका यही है कि अपने घर की परंपरा और स्थानीय पंडित की सलाह का पालन किया जाए। पूजा की थाली तैयार रखें, करवा चौथ की कथा सुनें और शाम की पूजा विधिपूर्वक करें। चांद दिखते ही छलनी से चांद और पति का चेहरा देखकर अर्घ्य दें, फिर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलें। अगर चांद देर से दिखे तो भी धैर्य रखें, क्योंकि व्रत का फल धैर्य और श्रद्धा से ही जुड़ा माना जाता है।
एक बात का ध्यान जरूर रखें कि मौसम खराब होने पर छत पर जाने में जल्दबाजी न करें। सुरक्षित जगह से चांद देखने की कोशिश करें और परिवार के किसी सदस्य की मदद लें। करवा चौथ प्रेम, समर्पण और धैर्य का पर्व है, इसलिए बादल भले ही चांद को कुछ देर छिपा लें, श्रद्धा से किया गया व्रत कभी अधूरा नहीं माना जाता।
स्रोत: पंचांग और धार्मिक मान्यता

