देहरादून, 31 अक्टूबर: उत्तराखंड के किसानों के खातों में शुक्रवार को सम्मान निधि की बड़ी सौगात पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई। इसमें उत्तराखंड के 8 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को भी लाभ मिला।
उत्तराखंड के लाभार्थी किसानों के खातों में कुल 161.96 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑडिटोरियम में आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में किसानों और अधिकारियों की मौजूदगी में किस्त जारी होने की जानकारी साझा की गई।
इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना आर्थिक सहायता दी जाती है, जो किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है। इससे किसानों को बीज, खाद और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए नकदी की मदद मिलती है। खासकर बुवाई के मौसम में यह राशि किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होती है, क्योंकि उसी समय खेती के खर्च सबसे ज्यादा होते हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों के किसानों के लिए यह सहायता अहम मानी जाती है।
उत्तराखंड में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2019 में योजना की पहली किस्त जारी होने के समय प्रदेश के लगभग चार लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे। आज यह संख्या बढ़कर आठ लाख से अधिक हो चुकी है। लाभार्थियों की संख्या दोगुनी होने से यह साफ है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना के दायरे में आ रहे हैं और उन्हें इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
किसानों के लिए यह किस्त ऐसे समय में आई है, जब रबी फसलों की बुवाई का मौसम चल रहा है। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों की बुवाई के लिए किसानों को बीज और खाद की जरूरत होती है। सम्मान निधि की राशि से छोटे और सीमांत किसानों को इन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे उनकी खेती की लागत का कुछ बोझ कम होगा और वे समय पर बुवाई कर पाएंगे।
जिन किसानों के खातों में किस्त अभी नहीं पहुंची है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे पहले अपने बैंक खाते की जानकारी जांच सकते हैं और फिर अपने क्षेत्र के कृषि विभाग या जन सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। लाभार्थी सूची और किस्त की स्थिति की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांची जा सकती है। यदि कोई तकनीकी वजह से किस्त अटकी है, तो उसे संबंधित विभाग के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, 24वीं किस्त के जरिए उत्तराखंड के आठ लाख से अधिक किसानों को मिली 161.96 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के कृषि परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है। यह योजना किसानों को हर साल एक तय आर्थिक सहारा देती है, जिससे उनकी खेती और घरेलू जरूरतों में संतुलन बना रहता है। आने वाले दिनों में इस किस्त का असर खेतों में बुवाई और किसानों की तैयारियों में साफ दिखाई देगा।
स्रोत: पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम और योजना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी

