नई दिल्ली, 1 नवंबर: उत्तराखंड में नवंबर की शुरुआत बारिश और बर्फबारी की आहट के साथ हुई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज 1 नवंबर को प्रदेश के नौ जिलों — देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ — में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। IMD के पर्वतीय मौसम बुलेटिन में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों के लिए 1 नवंबर को छिटपुट (ISOL) बारिश का पूर्वानुमान दर्ज है, जबकि 3 नवंबर से मौसम शुष्क होने की उम्मीद है।
कहां कितनी ठंड: देहरादून में आज अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में धूप खिलेगी और बारिश की संभावना केवल 10 प्रतिशत के आसपास है। नैनीताल में ठंड कहीं ज्यादा है — वहां अधिकतम तापमान करीब 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। नैनीताल में दोपहर बाद अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ बौछारों की संभावना है, और शाम को आंशिक बादल छाए रहेंगे। अक्टूबर के आखिर में हुई बारिश के बाद से ही पहाड़ों में पारा गिरने लगा है, और नवंबर की पहली सुबह में ठंड साफ महसूस हो रही है।
ओलावृष्टि की चेतावनी: IMD ने 1 नवंबर के लिए उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है। साथ ही देश के 13 राज्यों में गरज-चमक के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि उत्तराखंड के लिए इस अवधि में भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है — बारिश हल्की और छिटपुट रहने का अनुमान है। फिर भी पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने की आदत को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
चार धाम यात्रा मार्गों पर असर: बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए आज का दिन सावधानी का है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली — तीनों ही धाम मार्गों से जुड़े जिलों — में हल्की बारिश की संभावना है, और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। यात्रियों को सलाह है कि वे सुबह जल्दी निकलें, गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखें, और रवाना होने से पहले मार्ग की ताजा स्थिति जान लें। रात में पहाड़ी घाटियों में मध्यम कोहरा छाने की भी संभावना है, इसलिए रात की ड्राइविंग से बचना बेहतर होगा।
मैदानी जिलों में राहत: हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर सहित मैदानी जिलों में आज मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। यहां दिन में धूप और सुहावना मौसम रहेगा, जिससे स्थानीय आवाजाही और बाजारों की रौनक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन पहाड़ों की ओर जाने वाली सड़कों पर मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए मैदान से पहाड़ की यात्रा करने वालों को तैयारी रखनी चाहिए।
आगे क्या: पूर्वानुमान के अनुसार 2 नवंबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी के आसार हैं। 3 और 4 नवंबर को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रह सकता है। यानी नवंबर के पहले दो दिन पहाड़ों में ठंड और बारिश का दौर रहेगा, उसके बाद धूप लौटने की उम्मीद है। किसानों के लिए भी यह जानकारी अहम है — ओलावृष्टि की चेतावनी के बीच खुले में रखी फसल को ढककर रखना समझदारी होगी।
स्रोत: IMD

