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धनतेरस पर ₹1.25 लाख करोड़ का कारोबार कैसे हुआ?

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नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026: धनतेरस पर देशभर के बाजारों में खरीदारी का नया रिकॉर्ड बन गया है। व्यापारियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार इस धनतेरस पर देशभर में अनुमानित ₹1.25 लाख करोड़ का कारोबार हुआ है, जो खुदरा व्यापार के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। सोने-चांदी से लेकर गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक्स तक, हर श्रेणी में ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।

सोना-चांदी की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड

  • सोने और चांदी की बिक्री अकेले ₹66,000 करोड़ के पार रही, जो कुल कारोबार का लगभग 53 प्रतिशत है। यह अनुमान ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) का है।
  • दिल्ली के सर्राफा बाजार का योगदान ₹10,000 करोड़ से ज्यादा रहा।
  • ग्राहकों ने सोना, चांदी, गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और बर्तन खरीदे।
  • CAIT के महासचिव और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि ज्वेलरी बाजारों, ऑटोमोबाइल शोरूम, इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्रों और मोहल्लों की दुकानों पर भारी भीड़ रही।

ज्वेलर्स की बिक्री में कितनी बढ़त हुई?

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के शुरुआती अनुमान के अनुसार सोने की बिक्री मूल्य के हिसाब से पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ रही। चांदी की बिक्री मूल्य में 30 प्रतिशत और मात्रा में 10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। दिल्ली में शुक्रवार को 24 कैरेट सोना कर सहित ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 29 जनवरी को यह ₹1.83 लाख प्रति 10 ग्राम था। चांदी ₹1.92 लाख प्रति किलो रही, जो 29 जनवरी के ₹4.04 लाख प्रति किलो के शिखर से काफी नीचे है। पिछले साल धनतेरस पर सोना ₹1.32 लाख और चांदी ₹1.70 लाख प्रति किलो थी, इसलिए इस साल कीमतें पिछले साल से ऊपर लेकिन साल के शिखर से नीचे रहीं।

खरीदारी क्यों बढ़ी?

  • हाल के हफ्तों में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
  • दिवाली से पहले शुभ मुहूर्त में खरीदारी की परंपरा ने भी मांग बढ़ाई।
  • ज्वेलर्स ने बताया कि इस बार पहले से बुकिंग और अग्रिम ऑर्डर भी ज्यादा रहे।
  • त्योहारी सीजन में गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी ने भी कुल कारोबार को ऊंचा किया।

दिवाली रविवार, 8 नवंबर को है, और व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहारी खरीदारी का यह जोश दिवाली तक बना रहेगा। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम तक, सभी को इस रिकॉर्ड कारोबार से राहत मिली है, क्योंकि त्योहारी सीजन ही साल की सबसे बड़ी कमाई का समय होता है।

स्रोत: CAIT, ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल और CNBC-TV18 की 7 नवंबर 2026 की रिपोर्ट्स