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Haryana Gets : हरियाणा का मिला राज्यगीत “जय जय जय हरियाणा” से गूंजा सदन

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Jagruk Youth News: Haryana Gets: चंडीगढ़:आज बजट सत्र के अंतिम दिन हरियाणा को अपना राज्य गीत मिल गया है. सदन में राज्य गीत के चयन पर गठित समिति की तरफ से राज्य गीत पर रखा गया प्रस्ताव ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पारित हुआ. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस गीत को मूर्तरूप देने वाले सभी गणमान्यों का आभार व्यक्त किया. इसके साथ ही इसे 2 करोड़ 80 लाख लोगों की भावनाओं में जोश भरने वाला गीत बताया.

मनोहर लाल खट्टर ने सदन में रखा था प्रस्ताव: इस दौरान नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस तरह हमारे राष्ट्रगान के लिए नियम एवं मानदंड निर्धारित हैं. उसी प्रकार हमारे इस राज्य गीत के लिए भी कुछ नियम और मानदंड निर्धारित होने चाहिए. इस राज्य गीत का प्रस्ताव सर्वप्रथम तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल लेकर आए थे. उन्होंने प्रदेश के राज्य गीत होने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सदन के सभी सदस्यों ने सहर्ष स्वीकार किया. कमेटी की तरफ से यह गीत इस महान सदन में पहले भी सुनाया गया, जिस पर सदस्यों ने अपने सुझाव दिए और आज उन सुझावों को शामिल कर पुन: कमेटी द्वारा इसे सदन में प्रस्तुत किया गया है.

राज्यगीत प्रदेश का गौरव: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आगे कहा कि हरि की भूमि हरियाणा वर्ष 1966 में एक अलग राज्य बना, लेकिन लगभग 6 दशक बीत जाने पर भी हमारा कोई राज्य गीत नहीं है. राज्यगीत किसी भी प्रदेश के गौरव को प्रकट करता है. इसलिए हमने हरियाणा प्रदेश का भी राज्य गीत बनाने का बीड़ा उठाया. इस गीत को बनाने, गाने, इसके लिए संगीत तैयार करने और अन्य कार्यों में जिन महानुभावों ने योगदान किया है, उनका विशेष आभार प्रकट करते हैं.”

राज्यगठन के समय बंजर थी यहां की जमीन: सीएम नायब सैनी ने कहा कि, “यह राज्य गीत हमारे इतिहास और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है. इसमें हरियाणा की महान संस्कृति की सुगंध है. इसमें हरियाणा की जनता द्वारा किए गए विभिन्न योगदानों की भी एक झलक है. हरियाणा की पवित्र भूमि वैदिक पूर्व काल से ही एक गौरवशाली इतिहास, समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का केन्द्र रही है. आज भी हरियाणा को भारत के अग्रणी राज्यों में माना जाता है. हमारे कर्मठ किसानों ने जहां देश की विशाल आबादी के लिए अन्न उपजाया है. वहीं, हमारे वीर और देशभक्त जवानों ने देश की सरहदों की सुरक्षा के लिए अनेक बलिदान दिए हैं. एक नवंबर साल 1966 को जब हरियाणा बना तो हमारा विशाल क्षेत्र मरुस्थल था, लेकिन हरियाणा के मेहनती लोगों ने उस मरुस्थल को भी सोना उगलने वाली भूमि बना दिया. इसकी पहचान एक समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित की. ”

“हरियाणा के लोगों में अपनी माटी के प्रति संवेदनशीलता, कर्मठता और निष्ठा को उकेरने का कार्य यह राज्य गीत करेगा. यह गीत हमारे प्रदेश की प्रगति, इसके विकास, इसके प्रतिमानों को बखूबी बयान करेगा.” -नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा

हरियाणा का राज्यगीत:

जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा.

पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आना.

जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा.

गीता ज्ञान धरोहर इसकी, महाभारत इतिहास.

मुकुट शिवालिक आधार अरावली, यमुना बहती पास.

मौज मनावे, कातक न्हावे, पूरी मन की आस.

सरस्वती के अमृत रस का, यहीं सदा है वास.

सादा जीवन, सादा बाणा, दूध दही का खाना.

जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा.

छैल छबीले, मर्द निराले, सुंदर स्याणी नार.

होली, दिवाली, ईद, गुरपुरब, मनते तीज त्योहार.

भाईचारा जग से न्यारा, बढ़े प्यार में प्यार.

दिल दिन दुगनी, अर रात चौगुनी, शिक्षा और व्यापार.

बजते डेरू, ढोल, नगाड़े, सांग, रागनी गाना.

जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा.

उपजाते हैं फसल सुनहरी, खेतों बीच किसान.

खेल खिलाड़ी मेडल लाकर करें देश का मान.

सीमाओं पर हरदम चौकस यहां के वीर जवान.

छोटा सा प्रदेश, देश की अजब निराली शान.

अतिथि देवो भव यहां सेवा धर्म निभाना.

जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा.

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