UP News-CM योगी ने कहा कि गोरखपुर पहले उपेक्षित था, गुंदागर्दी, गुंदा टैक्स था, बिजली नहीं

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मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ

UP News-गोरखपुरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दे पर बात की। सीएम योगी ने कहा कि लोग छोटे-छोटे बच्चों को स्मार्ट फोन पकड़ा रहे हैं। आप लोग ऐसा मत करिए। वरना बच्चा डिप्रेशन में चला जाएगा। बच्चों को पढ़ना लिखना सीखाइए। उन्होंने जनता से अभी अपील की कि जब बाइक , कार चला रहे हैं तो मोबाइल फोन को साइलेंट मोड में रखिए । सड़क दुर्घटना चैलेंज है। अच्छी सड़के इसलिए हैं जिससे आप अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचे, ट्रैफिक का उल्लंघन के लिए नहीं। कान में ईयरफोन लगाने की आवश्यता नहीं है।

सीएम योगी ने साइबर अपराध के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हमें ठगों के झांसे में आने से बचना चाहिए। जब भी हम शार्टकट का रास्ता अपना कर मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं तो साइबर अपराध का शिकार होते हैं। हमें ठगों से बचने के लिए खुद ही सतर्क रहना होगा।

गोरखपुर महोत्सव में विपक्ष पर साधा जमकर निशाना

गोरखपुर महोत्सव में विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का रामगढ़ ताल कभी अपराधियों का गढ़ माना जाता था, आज पर्यटन का केंद्र बन गया है। अब गोरखपुर की कोई उपेक्षा नहीं करता है। ये परिवर्तन है। इंसेप्लाटिस के खिलाफ आंदोलन किया , सरकार बनी तो इसे 2 साल में खात्मा कर दिया। माफिया मुक्त , दंगामुक्त प्रदेश को बनाया है। हमने भयमुक्त वातावरण दिया है। एक बेटी भी , स्कूल , बाजार जा सकती है। अगर किसी गुंडे ने साहस किया तो अगले चौराहे पर कोई यमराज बैठा मिलेगा।

गोरखपुर के विकास के लिए किया बहुत काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले और जब सीएम बना सबसे ज्यादा राशन की शिकायत मिलती थी। तकनीकि इस्तेमाल करके समस्या दूर किया। गोरखपुर विकास की दौड़ में पीछे छूट चुका था। 2017 से पहले का गोरखपुर आज के गोरखपुर की तुलना करते हैं तो जमीन आसमान का अंतर पता चलता है।

सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर पहले उपेक्षित था , असुरक्षित , गुंदागर्दी , गुंदा टैक्स था , बिजली नहीं। बिमारी अलग से थी। माफिया, गुंदागर्दी के लिए कुख्यात हो गया था। प्रदेश की भी यही स्थिति थी। अराजकता चरम पर थी। न व्यापारी न बेटी सुरक्षित थी।

गुंदाटैक्स , इसेप्लाइटिस से मौत होती थी। नौजवान पलायन करता था। कोई 8/10 साल पहले गोरखपुर में आया होगा। आज आएगा तो पहचान नहीं पाएगा। अयोध्या में भी यहीं परिवर्तन हुआ है। काशी कोई जाएगी तो पहचान नहीं पाएगा। प्रयागराज को कोई नहीं पहचान पाता है। यही लखनऊ का हाल है , तब गंदगी थी , सूर्यास्त के बाद लोग कहते थे घर से न निकलो लेकिन अब कोई भय नहीं है। भारत के साथ यूपी भी बढ़ रहा है।