New Rules: नई दिल्ली: भारत के आर्थिक मोर्चे पर 1 अप्रैल 2026 से एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। छह दशक पुराने आयकर कानून (1961) को खत्म कर अब ‘आयकर अधिनियम, 2025’ लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘जीएसटी 2.0’ (GST 2.0) का नया ढांचा भी अमल में आ जाएगा। इन बदलावों का सीधा असर आपकी सैलरी, बचत, रसोई गैस और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ेगा। एक तरफ जहां मिडिल क्लास को टैक्स में बंपर छूट मिली है, वहीं वैश्विक तनाव के चलते महंगाई का बड़ा झटका भी लगा है।
नए वित्तीय वर्ष में प्रवेश करने से पहले आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आज (31 मार्च) कौन से काम निपटाने जरूरी हैं और कल (1 अप्रैल) से क्या-क्या बदलने वाला है।
🚨 31 मार्च 2026 (आज रात) तक हर हाल में निपटाएं ये 4 काम:
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर पेनल्टी और नुकसान से बचने के लिए आज रात 12 बजे तक ये काम पूरे कर लें:
- टैक्स सेविंग: धारा 80C और 80D के तहत छूट पाने के लिए PPF, ELSS और जीवन बीमा में आज ही निवेश कर लें।
- खातों को रखें एक्टिव: PPF, NPS और सुकन्या समृद्धि योजना के खातों को निष्क्रिय होने और पेनल्टी से बचाने के लिए न्यूनतम राशि आज ही जमा करें।
- अपडेटेड रिटर्न: वित्तीय वर्ष 2020-21 (आकलन वर्ष 2021-22) के लिए अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) दाखिल करने की आज आखिरी डेडलाइन है।
- NRI के लिए: विदेशी आय वालों को दोहरे कराधान से बचने के लिए ‘फॉर्म 67’ आज ही जमा करना होगा।
✅ ‘आयकर अधिनियम 2025’: मिडिल क्लास की बल्ले-बल्ले
पुराने कानून की विदाई के साथ ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ का झंझट खत्म हो गया है, अब इसे सिर्फ ‘टैक्स ईयर 2026-27’ कहा जाएगा।
- 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं: 12 लाख रुपये तक की शुद्ध वार्षिक आय वालों की टैक्स देनदारी शून्य कर दी गई है। 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जारी रहेगा।
- भत्तों में भारी इजाफा: बच्चों का शिक्षा भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह और हॉस्टल भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है।
- HRA में फायदा: अब पुणे, बंगलूरू, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी HRA के लिए टियर-1 (50% छूट) शहरों में शामिल कर लिया गया है।
- विदेश यात्रा हुई सस्ती: ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS दर को सीधे घटाकर 2% कर दिया गया है।
📉 ‘जीएसटी 2.0’: क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा?
जीएसटी के टैक्स स्लैब को अब केवल 5%, 18% और 40% तक समेट दिया गया है:
- राहत (सस्ता): स्वास्थ्य और जीवन बीमा, 33 जीवन रक्षक दवाएं और अनपैक्ड डेयरी उत्पाद अब पूरी तरह टैक्स-फ्री (0%) हो गए हैं। छोटी कारें, AC और टीवी पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
- झटका (महंगा): तंबाकू, लग्जरी वाहन, बड़ी SUV और ऑनलाइन गेमिंग पर अब सबसे अधिक 40% का भारी-भरकम जीएसटी लगेगा।
🔥 महंगाई की मार: रसोई से लेकर सड़क तक बढ़ेगा खर्च
- एलपीजी सिलेंडर (LPG): ईरान-इस्राइल तनाव का असर घरेलू गैस पर पड़ा है। दिल्ली में घरेलू गैस की कीमत ₹853 से बढ़कर ₹913 हो गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर ₹1,883 पर पहुंच गया है, जिससे बाहर खाना-पीना महंगा हो जाएगा।
- दवाएं: NPPA ने 900 से अधिक आवश्यक दवाओं (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स आदि) की कीमतों में 1.74% तक की वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
- कारें: आगामी ‘BS-7’ उत्सर्जन मानकों और बढ़ती लागत के कारण टाटा मोटर्स, होंडा और मर्सिडीज जैसी कंपनियों ने गाड़ियों के दाम (₹25,000 से ₹65,000 तक) बढ़ा दिए हैं।
🏦 बैंकिंग, रेलवे और बीमा के 4 बड़े नियम
- ATM और बैंक: HDFC बैंक अब UPI आधारित ‘कार्डलेस निकासी’ को भी 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन में गिनेगा। लिमिट पार होने पर ₹23 चार्ज लगेगा।
- पैन कार्ड (PAN): नए पैन कार्ड के लिए अब सिर्फ आधार काफी नहीं होगा, 10वीं का सर्टिफिकेट या जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
- हेल्थ इंश्योरेंस: बीमा कंपनियों के लिए ‘मोरेटोरियम अवधि’ घटाकर 5 वर्ष कर दी गई है। 5 साल लगातार प्रीमियम भरने के बाद कंपनी किसी पुरानी बीमारी का हवाला देकर आपका क्लेम खारिज नहीं कर सकेगी।
- रेलवे टिकट रिफंड: रेलवे के नए नियम के तहत, ट्रेन छूटने (प्रस्थान) से 8 घंटे के भीतर कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर अब कोई रिफंड नहीं मिलेगा (पहले यह सीमा 4 घंटे थी)।
निष्कर्ष: 1 अप्रैल से लागू हो रहे ये नियम बताते हैं कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी हो रही है। टैक्स फ्री आय से जहां लोगों के हाथ में पैसा बचेगा, वहीं गैस-दवाओं की महंगाई बजट बिगाड़ सकती है। ऐसे में स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग ही समय की सबसे बड़ी मांग है।