मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
मुरादाबाद/लोकल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में आदमखोर होते जा रहे तेंदुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांठ थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई। यहां घर की छत पर अपनी मां के साथ सो रही 6 साल की एक मासूम बच्ची पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया। तेंदुए ने मच्छरदानी फाड़कर बच्ची को चारपाई से घसीटना शुरू कर दिया था, लेकिन मां और पड़ोसियों के शोर मचाने पर तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया। लहूलुहान हालत में बच्ची को मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मच्छरदानी फाड़कर मासूम पर झपटा तेंदुआ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना कांठ क्षेत्र में रहने वाले श्रमिक संदीप के घर की है। रविवार रात संदीप काम पर गए हुए थे। घर की छत पर संदीप की पत्नी पिंकी अपनी छोटी बेटी प्रज्ञा और 6 वर्षीय बड़ी बेटी दिया के साथ मच्छरदानी लगाकर चारपाई पर सो रही थीं।
- रात 3:30 बजे हुआ हमला: रात करीब साढ़े तीन बजे एक तेंदुआ दबे पांव छत पर पहुंच गया। उसने चारपाई के किनारे सो रही दिया पर झपट्टा मारा।
- पंजों से घसीटा: तेंदुए के हमले से मच्छरदानी फट गई और उसने अपने पंजों में बच्ची को फंसाकर चारपाई से नीचे घसीटना शुरू कर दिया।
टॉर्च की रोशनी और मां की चीख से बची जान
बच्ची के चीखने और चारपाई पर हलचल होने से मां पिंकी की आंख खुल गई।
- पिंकी ने जब टॉर्च जलाई, तो सामने का खौफनाक मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। दिया तेंदुए के पंजों में दबी हुई थी।
- पिंकी के जोर-जोर से चिल्लाने पर छत पर सो रहे अन्य परिजन और आसपास के ग्रामीण जाग गए।
- लोगों ने शोर मचाना शुरू किया और टॉर्च की तेज रोशनी तेंदुए के मुंह पर डाली, जिससे घबराकर तेंदुआ छत से कूदकर अंधेरे में भाग गया।
जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
तेंदुए के पंजों के वार से 6 वर्षीय दिया गंभीर रूप से घायल हो गई।
- आनन-फानन में उसे कांठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।
- डॉक्टरों ने बताया कि गनीमत रही कि बच्ची के शरीर पर तेंदुए के दांत के निशान नहीं हैं, लेकिन पंजों के नाखूनों से गहरे जख्म आए हैं।
- प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बच्ची को मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
वन विभाग की कॉम्बिंग में नहीं मिला तेंदुआ, दहशत में ग्रामीण
घटना की सूचना मिलते ही कांठ वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, अमर सिंह और कांठ थाने के दरोगा कमलदीप सीएचसी पहुंचे और बच्ची का हालचाल जाना।
- सोमवार सुबह वन विभाग की टीम और पुलिस ने इलाके और आसपास के खेतों में सघन कॉम्बिंग (सर्च अभियान) की, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला।
- तीसरी घटना: कांठ क्षेत्र में घर में घुसकर बच्चियों पर तेंदुए के हमले की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले भी तेंदुआ दो बच्चियों को घायल कर चुका है।
- जंगल से निकलकर गांव और अब घरों की छतों तक तेंदुओं के पहुंचने से ग्रामीणों में भारी दहशत है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।