देहरादून/नैनीताल: उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जारी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप से बचने के लिए इस वीकेंड पर लाखों की संख्या में पर्यटकों ने उत्तराखंड का रुख किया है। इस अप्रत्याशित ‘वीकेंड रश’ (Weekend Rush) के कारण सूबे के तमाम प्रमुख पर्यटन स्थल और चारधाम यात्रा मार्ग पूरी तरह पैक हो गए हैं। पिछले 24 घंटों में 20 हजार से अधिक पर्यटक वाहनों के प्रदेश में प्रवेश करने से हरिद्वार से लेकर बद्रीनाथ धाम तक और तराई के प्रवेश द्वार रुद्रपुर से लेकर झीलों की नगरी नैनीताल तक सड़कें वाहनों से पटी नजर आ रही हैं।
हरिद्वार से बद्रीनाथ तक वाहनों की लंबी कतारें चारधाम यात्रा और वीकेंड पर्यटन के दोहरे दबाव के कारण ऋषिकेश, हरिद्वार और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है। बद्रीनाथ हाईवे पर कई जगहों पर गाड़ियां रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं। व्यासी, कौड़ियाला और देवप्रयाग के पास रुक-रुक कर लग रहे जाम के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे पर बने संकरे मोड़ों और पार्किंग की कमी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।
कुमाऊं का द्वार रुद्रपुर और नैनीताल हाईवे फुल बात अगर कुमाऊं मंडल की करें, तो दिल्ली-यूपी से नैनीताल, भीमताल और अल्मोड़ा जाने वाले सैलानियों के चलते रुद्रपुर, टांडा जंगल और काठगोदाम रूट पर वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ा है। नैनीताल जाने वाले हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर काठगोदाम से लेकर जेओलीकोट तक कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
नैनीताल में नो-एंट्री, रूसी बाईपास पर रोके जा रहे वाहन नैनीताल शहर के अंदर के सभी छोटे-बड़े पार्किंग स्थल शनिवार सुबह ही 100% फुल हो गए। हालात बिगड़ते देख नैनीताल पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए बाहरी राज्यों से आ रहे उन वाहनों को रूसी बाईपास और नारायण नगर पार्किंग में ही रोकना शुरू कर दिया है, जिनके पास होटल की एडवांस बुकिंग नहीं है। वहां से पर्यटकों को शटल सेवा के जरिए शहर भेजा जा रहा है।
प्रशासन की यात्रियों से अपील उत्तराखंड यातायात पुलिस और जिला प्रशासनों ने संयुक्त एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से लेन-ड्राइविंग का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि पहाड़ों पर ओवरटेकिंग के चक्कर में ही सबसे ज्यादा लंबा जाम लग रहा है। इसके साथ ही, पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे वीकेंड के दौरान बिना एडवांस होटल बुकिंग के पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर न निकलें।