गाजीपुर एनकाउंटर: शादी के 37वें दिन कमलेश बिंद ढेर, पत्नी का गंभीर आरोप- ‘मेहंदी भी नहीं छूटी, जंगल ले जाकर पुलिस ने मारी गोली’

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गाजीपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में हुए एक पुलिस एनकाउंटर (Police Encounter) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस की गोली से मारे गए कमलेश बिंद की मौत के बाद उसके परिजनों और विशेषकर नवविवाहित पत्नी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस इसे जहां एक जवाबी कार्रवाई (Cross Firing) बता रही है, वहीं कमलेश की पत्नी का सीधा आरोप है कि पुलिस ने उसे घर से उठाया और जंगल में ले जाकर फर्जी एनकाउंटर में गोली मार दी।

पत्नी के आरोप: “मेहंदी भी नहीं छूटी थी…”

इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कमलेश बिंद की शादी महज 37 दिन पहले ही हुई थी। उसकी नवविवाहित पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। रोते हुए पत्नी ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा, “मेरे हाथों की अभी मेहंदी भी नहीं छूटी थी और पुलिस ने मेरा सुहाग उजाड़ दिया। यह कोई मुठभेड़ नहीं है, पुलिस उन्हें पकड़कर जंगल में ले गई और वहां ले जाकर उन्हें जानबूझकर गोली मार दी गई।” परिजनों ने इस पूरी कार्रवाई को ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

पुलिस का पक्ष: चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़

परिजनों के आरोपों के उलट, गाजीपुर पुलिस का दावा है कि कमलेश बिंद एक वांछित अपराधी था और यह घटना एक रूटीन चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, जब संदिग्ध अवस्था में कमलेश को रुकने का इशारा किया गया, तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें कमलेश को गोली लग गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

इस घटना और परिजनों के भारी विरोध को देखते हुए इलाके में तनाव का माहौल है। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव और अस्पताल के आस-पास भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं और घटना की पूरी मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए जाने की संभावना है।