टिहरी में रफ्तार का कहर: बेकाबू होकर पलटी कार, खून से लथपथ ड्राइवर के लिए फरिश्ता बने स्थानीय लोग

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हाइलाइट्स (Google Discover के लिए):

  • स्थान: टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड)
  • हादसा: तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी कार।
  • घायल: हादसे में कार का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती।
  • रेस्क्यू: स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत, कार में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला।

उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिहरी (Tehri Garhwal) जिले से एक बड़े और खौफनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कार का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया है। गनीमत यह रही कि हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग फरिश्ता बनकर मदद के लिए दौड़ पड़े, जिससे घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटना के वक्त कार की रफ्तार काफी ज्यादा थी। पहाड़ी घुमावदार सड़कों पर अक्सर ओवरस्पीडिंग जानलेवा साबित होती है। बताया जा रहा है कि तीखे मोड़ पर ड्राइवर कार से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। ब्रेक लगाने की कोशिश नाकाम रही और कार सड़क पर ही पलटियां खाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए।

देवदूत बनकर दौड़े स्थानीय लोग

पहाड़ों की एक खासियत वहां के लोगों की मदद करने की भावना है, जो इस हादसे में भी साफ देखने को मिली। कार पलटने की जोरदार आवाज सुनते ही स्थानीय ग्रामीण अपना काम छोड़कर घटनास्थल की तरफ भाग खड़े हुए। उन्होंने बिना एक पल बर्बाद किए कार के शीशे और दरवाजे खोलकर अंदर फंसे और खून से लथपथ ड्राइवर को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस और एंबुलेंस को दी गई सूचना

लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस (108) को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका प्राथमिक इलाज चल रहा है। पुलिस अब कार के नंबर के आधार पर परिजनों को सूचित करने और हादसे के असल कारणों की जांच में जुट गई है।

पहाड़ी रास्तों पर क्यों जरूरी है सावधानी?

टिहरी का यह हादसा उन सभी ड्राइवरों के लिए एक बड़ा सबक है जो पहाड़ों पर ड्राइविंग के दौरान नियमों को नजरअंदाज करते हैं। ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ वाली कहावत पहाड़ों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस लगातार अपील करती है कि घुमावदार और संकरे रास्तों पर वाहनों की गति धीमी रखें और ओवरटेकिंग से बचें, ताकि ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।