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Kainchi Dham-कैंची धाम में गूंजे बाबा नीम करौली के जयकारे: 15 जून के मेले के लिए शुरू हुई मालपुए के महाप्रसाद की तैयारी

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नैनीताल/कैंची धाम। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) में 15 जून को होने वाले भव्य वार्षिक मेले और स्थापना दिवस की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। धाम में अभी से बाबा नीम करौली महाराज के जयकारे गूंजने लगे हैं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बांटे जाने वाले ‘मालपुए’ के विशेष महाप्रसाद को बनाने का काम विधिवत रूप से शुरू हो गया है।

मथुरा-वृंदावन के 45 कारीगर कर रहे प्रसाद तैयार

बाबा नीम करौली के मेले में मालपुए के प्रसाद का विशेष महत्व माना जाता है। इस महाप्रसाद को तैयार करने के लिए मथुरा और वृंदावन से 45 अनुभवी कारीगरों (हलवाइयों) की एक विशेष टीम कैंची धाम पहुंच चुकी है। इन कारीगरों ने पूरी श्रद्धा और स्वच्छता के साथ प्रसाद बनाने की कमान संभाल ली है। भट्ठियां सुलग चुकी हैं और शुद्ध देसी घी की महक पूरे धाम परिसर में फैलने लगी है।

15 जून को बंटेगा बाबा का आशीर्वाद

हर साल 15 जून को कैंची धाम का स्थापना दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मंदिर समिति के अनुसार:

  • मेले के दिन तड़के सुबह बाबा को भोग लगाने के बाद मालपुए का यह महाप्रसाद श्रद्धालुओं में बांटना शुरू कर दिया जाएगा।
  • यह सिलसिला देर रात तक अनवरत चलता रहेगा, ताकि दर्शन के लिए कतार में लगे हर एक भक्त को बाबा का आशीर्वाद मिल सके।

लाखों की संख्या में उमड़ेंगे श्रद्धालु

बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लोगों की अगाध आस्था है। यही कारण है कि 15 जून को यहां आम आदमी से लेकर कई वीवीआईपी (VVIP) और विदेशी श्रद्धालु भी शीश नवाने पहुंचते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल भी मेले में लाखों की संख्या में भक्तों का जनसैलाब उमड़ेगा।

प्रशासन और मंदिर समिति पूरी तरह अलर्ट

भक्तों की भारी भीड़ और मेले के सुचारू संचालन को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर ट्रस्ट ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। धाम तक पहुंचने वाले मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान (Route Plan) लागू किया गया है। जगह-जगह पार्किंग, पेयजल और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।