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उत्तराखंड के लाल को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई: सैन्य सम्मान के साथ हुआ अग्निवीर जवान का अंतिम संस्कार

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देहरादून/उत्तराखंड। जम्मू-कश्मीर में मां भारती की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत और ‘अग्निवीर’ (Agniveer) जवान का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरा आसमान ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, वीर जवान तेरा नाम रहेगा’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।

जनवरी में ही पूरी की थी ‘अग्निवीर’ की ट्रेनिंग

जानकारी के अनुसार, शहादत को प्राप्त हुए इस युवा जवान ने भारतीय सेना की ‘अग्निवीर’ योजना के तहत अपनी भर्ती प्रक्रिया पूरी की थी। देश सेवा का जज्बा लिए इस लाल ने इसी साल जनवरी महीने में ही अपना कड़ा सैन्य प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) सफलतापूर्वक पूरा किया था। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उन्हें जम्मू सीमा पर तैनात किया गया था। ड्यूटी के दौरान जम्मू में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी

शहीद का पार्थिव शरीर जब सेना के विशेष वाहन से उनके घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। बेटे को तिरंगे में लिपटा देख माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। श्मशान घाट पर सेना की विशेष टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान (Guard of Honor) के साथ जवान को अंतिम विदाई दी। सेना के जवानों ने हवा में गोलियां दागकर अपने वीर साथी को सलामी दी और सैन्य अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर से तिरंगा हटाकर ससम्मान उनके परिजनों को सौंपा।

अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ा जनसैलाब

अपने अदम्य साहस का परिचय देने वाले इस युवा अग्निवीर के अंतिम दर्शनों के लिए आस-पास के कई गांवों से हजारों की संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई नम आंखों से अपने लाल को विदा करने पहुंचा था। इस दौरान:

  • सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
  • स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर शहीद को नमन किया और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

उत्तराखंड की माटी ने एक बार फिर देश की रक्षा के लिए अपना एक युवा बेटा कुर्बान कर दिया है। महज कुछ महीने पहले ही सेना की वर्दी पहनने वाले इस वीर जवान की शहादत और उनके जज्बे को पूरा देश हमेशा याद रखेगा।