बस हादसा: बेकाबू सिटी बस ने 5 लोगों को बेरहमी से कुचला

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देहरादून। जिंदगी कितनी अनिश्चित है, इसका एक खौफनाक मंजर उत्तराखंड की राजधानी की सड़कों पर देखने को मिला है। जिसने भी यह वाकया अपनी आंखों से देखा, उसकी रूह कांप उठी। यह देहरादून बस हादसा (Dehradun Bus Accident) इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद लोगों के आंसू और चीखें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रोजमर्रा की तरह शांत और व्यस्त रहने वाली सड़क पर एक तेज रफ्तार सिटी बस ने पैदल चल रहे बेगुनाह राहगीरों के लिए साक्षात मौत का रूप ले लिया।

​बताया जा रहा है कि इस बेलगाम सिटी बस ने एक-दो नहीं, बल्कि पूरे पांच लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। ड्राइवर ने जिस बेदर्दी और लापरवाही से सड़क किनारे जा रहे इन लोगों पर गाड़ी चढ़ाई, उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। हादसे के तुरंत बाद का नजारा इतना वीभत्स और दर्दनाक था कि कमजोर दिल वाले तो उस तरफ आंख उठाकर देख भी नहीं पा रहे थे। एक ही झटके में पांच जिंदगियां इस कदर खत्म हो गईं कि आसपास के इलाके में मातम पसर गया।

खौफनाक देहरादून बस हादसा: सड़क पर बिखरे थे मांस के टुकड़े

​स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के वक्त सड़क पर सामान्य चहल-पहल थी और लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए आ-जा रहे थे। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल क्या होने वाला है। तभी अचानक मौत बनकर आई एक तेज रफ्तार सिटी बस ने सबकुछ तबाह कर दिया। बस की रफ्तार इतनी तेज और टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ितों को अपना बचाव करने या वहां से भागने का एक पल भी नहीं मिला।

​हादसे के बाद सड़क का जो दृश्य था, वो किसी डरावने सपने से कम नहीं था। बस के भारी-भरकम पहियों के नीचे आकर लोगों के शरीर इस कदर कुचले गए कि सड़क पर दूर-दूर तक खून और मांस के टुकड़े बिखर गए। असल में, यह हृदयविदारक मंजर देखकर वहां मौजूद हर इंसान का कलेजा मुंह को आ गया। चीख-पुकार मचते ही तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन उन अभागे लोगों के लिए तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

बेकाबू रफ्तार या ड्राइवर की बड़ी लापरवाही?

​अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दिनदहाड़े बीच शहर में इतनी बड़ी लापरवाही आखिर हुई कैसे? दरअसल, चश्मदीदों का कहना है कि सिटी बस की रफ्तार सामान्य से कहीं ज्यादा थी। ऐसा लग रहा था मानो ड्राइवर गाड़ी पर से अपना पूरा नियंत्रण खो बैठा हो या फिर वह जानबूझकर रैश ड्राइविंग कर रहा हो। बिना ब्रेक लगाए उसने सीधे राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया और उनके ऊपर से गाड़ी निकाल दी।

​हादसे की खबर मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में लिया और बिखरे हुए शवों को समेटने का दर्दनाक काम शुरू किया। इलाके में इस वक्त भारी आक्रोश है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या ड्राइवर नशे में था, गाड़ी की रफ्तार तय सीमा से ज्यादा थी, या फिर बस में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी।

​वजह चाहे जो भी निकलकर आए, लेकिन इस हादसे ने ट्रैफिक व्यवस्था और बेलगाम दौड़ती बसों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी तेज रफ्तार वाहन ने इस तरह से बेगुनाहों की जान ली हो। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस दिल दहला देने वाले मामले में क्या सख्त कदम उठाता है, ताकि भविष्य में फिर किसी परिवार को इस तरह सड़क पर अपनों का खून न देखना पड़े।