मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
हाइलाइट्स (Highlights):
- मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र स्थित भैंसिया गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन टूटने से बड़ा हादसा।
- करंट की चपेट में आने से 14 वर्षीय आलिया की मौके पर ही मौत, 13 वर्षीय चचेरी बहन गंभीर रूप से झुलसी।
- हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने किया हंगामा; बिजली विभाग का दावा- ‘ग्रामीणों ने ही तार बदलने का किया था विरोध।’
विस्तृत खबर (Full Story):
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और रुला देने वाली खबर सामने आई है। कटघर थाना क्षेत्र के भैंसिया गांव में रविवार शाम एक 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर सड़क पर गिर गया। इस ‘मौत के तार’ की चपेट में आने से 14 वर्षीय एक किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी चचेरी बहन गंभीर रूप से झुलस गई है। इस खौफनाक हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
सामान लेने जा रही थीं दोनों बहनें, तभी गिरा तार यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है। भैंसिया गांव के रहने वाले मोहम्मद जाबिर की 14 वर्षीय बेटी आलिया और उनके भाई की 13 वर्षीय बेटी राईमीन घर से कुछ सामान लेने के लिए पास की दुकान पर जा रही थीं। दोनों जब सड़क से गुजर रही थीं, तभी उनके ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर पड़ा। हाईवोल्टेज करंट लगने से दोनों बहनें बुरी तरह झुलस गईं।
अस्पताल में आलिया ने तोड़ा दम, राईमीन की हालत गंभीर तार टूटने और लड़कियों के झुलसने की खबर से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में बदहवास परिजन दोनों किशोरियों को लेकर रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने आलिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राईमीन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ग्रामीणों का हंगामा, प्रधान ने लगाया लापरवाही का आरोप घटना की सूचना मिलते ही कटघर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। गांव के प्रधान मोहम्मद शान ने बताया कि यह 11 हजार वोल्ट की लाइन लंबे समय से जर्जर हालत में थी। इसे बदलवाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने बामुश्किल समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया।
विद्युत विभाग का चौंकाने वाला जवाब इस पूरे मामले पर अधीक्षण अभियंता (देहात) गुलशन गोयल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत जर्जर तारों को बदलने के लिए विभाग की टीम भैंसिया गांव गई थी। लेकिन, गांव के कुछ हिस्से (300-350 मीटर) में लोगों ने काम का विरोध किया और तार नहीं बदलने दिए।
गोयल के मुताबिक, ग्रामीणों की मांग थी कि लाइन को गांव के बाहर शिफ्ट किया जाए, लेकिन निगम के उच्चाधिकारियों द्वारा फिलहाल ऐसा कोई नियम या योजना नहीं बनाई गई है। लाइन टूटने की असल वजह जानने के लिए जेई (JE) को मौके पर भेजा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।