उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का कहर, मौसम विभाग ने 4 संवेदनशील जिलों में जारी किया ‘यलो अलर्ट’

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देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 4 महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों में भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी करते हुए लोगों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पहाड़ों पर हो रही इस मूसलाधार बारिश और उसके बाद हो रहे भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ताजा जानकारी के मुताबिक, राज्य की करीब 30 मुख्य और संपर्क सड़कें मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।

यमुनोत्री हाईवे पर गिरा भारी मलबा, चारधाम यात्री परेशान बारिश के चलते सबसे ज्यादा मार चारधाम यात्रा मार्गों पर पड़ रही है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ों से भारी बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा है, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। मार्ग बंद होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले और दर्शन कर वापस लौट रहे सैकड़ों श्रद्धालु बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें मलबा हटाकर रास्ता साफ करने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश काम में बाधा डाल रही है।

30 सड़कें बंद, संपर्क टूटा पहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राज्य के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों को जोड़ने वाली 30 से अधिक सड़कें मलबे की चपेट में आकर बंद हैं। इससे कई गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया है। प्रशासन ने बंद सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर टीमों को तैनात किया है, ताकि आवश्यक सेवाओं और एम्बुलेंस आदि की आवाजाही प्रभावित न हो।

इन 4 जिलों के लिए मौसम विभाग की विशेष चेतावनी मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर सहित 4 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को सख्त हिदायत दी है कि वे उफनते नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहें। विशेषकर रात के समय पहाड़ी मार्गों पर सफर करने से पूरी तरह परहेज करें।