हाइलाइट्स (Highlights):
- मुरादाबाद शहर में पिछले 22 दिनों से कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की प्रशासनिक बंदी के खिलाफ कोचिंग एसोसिएशन लामबंद।
- लखनऊ की घटना के बाद बिना पूर्व सूचना के बंद कराए गए 200 से 250 संस्थान; प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई ठप।
- कोचिंग एसोसिएशन ने कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह से की मुलाकात, विधायक ने शासन-प्रशासन से बात कर जल्द समाधान का दिया भरोसा।
विस्तृत खबर (Full Story):
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी इस समय पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले 22 दिनों से शहर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर लगी प्रशासनिक बंदी के खिलाफ अब कोचिंग संचालकों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस ‘जबरन’ और बिना किसी ठोस नीति के की गई बंदी के विरोध में ‘कोचिंग एसोसिएशन’ के अध्यक्ष प्रभात कुमार के नेतृत्व में तमाम संचालकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है।
‘लखनऊ की घटना का खामियाजा भुगत रहा मुरादाबाद’ मीडिया से मुखातिब होते हुए कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभात कुमार ने अपना दर्द और आक्रोश जाहिर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लखनऊ में हुई घटना का खामियाजा आज मुरादाबाद के लगभग 200 से 250 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को अकारण भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस नीति के अचानक इन संस्थानों पर ताले जड़वा दिए हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में, रोजी-रोटी का संकट इस बंदी का सबसे बड़ा असर उन हजारों छात्र-छात्राओं पर पड़ा है जो दिन-रात एक करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पढ़ाई पूरी तरह ठप होने से छात्रों में भारी मानसिक तनाव पैदा हो गया है। इसके साथ ही, पिछले 15-20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे संचालकों, शिक्षकों और उनके सहयोगी स्टाफ के सामने अब आजीविका और रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
कुंदरकी विधायक ने दिया समस्या के समाधान का आश्वासन प्रशासनिक रवैये से परेशान कोचिंग एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान के लिए कुंदरकी से विधायक रामवीर सिंह से मुलाकात की। संचालकों ने विधायक को अपनी पीड़ा और बंदी से हो रहे भारी नुकसान से अवगत कराया।
विधायक रामवीर सिंह ने संचालकों की सभी समस्याओं को बेहद गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संचालकों को पूरा आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस संकट की घड़ी में पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में शासन और प्रशासन के उच्च अधिकारियों से जल्द वार्ता करेंगे और कोचिंग संस्थानों को दोबारा नियमानुसार खुलवाने का हर संभव प्रयास करेंगे।