लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार थामे नहीं थम रही है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल के मौसम को लेकर एक बेहद बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, कल यूपी के कई जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य यूपी के क्षेत्रों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है।
अलीगढ़-कानपुर समेत इन जिलों में रहेगा भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, खाड़ी से आ रही नम हवाओं और स्थानीय वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के कारण कल उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा।
कल जिन प्रमुख जिलों में भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरना) और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है, वे निम्नलिखित हैं:
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: अलीगढ़, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर, मथुरा, हापुड़, गाजियाबाद और नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)।
- मध्य और तराई क्षेत्र: कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर और लखीमपुर खीरी।
- रुहेलखंड और आसपास: मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, बरेली और बदायूं।
तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान में 2°C से 3°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से सता रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है और यातायात पर भी इसका असर पड़ सकता है।
कल के लिए प्रमुख क्षेत्रों का संभावित तापमान:
| क्षेत्र/मंडल | मौसम का हाल | अनुमानित अधिकतम तापमान | अनुमानित न्यूनतम तापमान |
| अलीगढ़ / आगरा | भारी बारिश और तेज आंधी | 32°C | 25°C |
| कानपुर / लखनऊ | गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा | 33°C | 26°C |
| मुरादाबाद / मेरठ | मूसलाधार बारिश के आसार, घने बादल | 31°C | 25°C |
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता और विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बारिश के दौरान सुरक्षित पक्के मकानों में ही शरण लें। मौसम खराब होने पर किसी भी हाल में बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के नीचे खड़े न हों, क्योंकि इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक रहता है। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।