देहरादून। उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में आज एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशव्यापी कार्यक्रम के तहत ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी कड़ी में देहरादून स्थित पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन भी देश को समर्पित कर दिया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री धामी ने इस बड़ी सौगात के लिए उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता की ओर से पीएम मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
परंपरा और आधुनिकता का बेजोड़ संगम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास राज्य के लिए गौरव का विषय है। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया यह स्टेशन दून घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। स्टेशन परिसर में उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला (Aipan Art) को खास स्थान दिया गया है, जो आधुनिकता और संस्कृति का एक सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है।
उत्तराखंड में रेलवे का बड़ा बजट और कार्य (एक नज़र में):
| मुख्य बिंदु | विकास से जुड़े आंकड़े |
| हर्रावाला स्टेशन की लागत | लगभग ₹19 करोड़ |
| ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट | 75% से अधिक कार्य पूरा |
| उत्तराखंड का इस वर्ष का रेल बजट | ₹4,769 करोड़ (रिकॉर्ड बजट) |
| कुल प्रगतिशील रेल परियोजनाएं | ₹39,491 करोड़ से अधिक के कार्य जारी |
| वंदे भारत ट्रेनें | 2 ट्रेनें वर्तमान में संचालित |
पहाड़ तक रेल पहुंचने का सपना हो रहा सच
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेलवे अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। वंदे भारत और नमो भारत जैसी स्वदेशी ट्रेनें आत्मनिर्भर भारत की पहचान बन चुकी हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचाने का सपना भी अब तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 75 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है, जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।