नई दिल्ली, 15 अक्टूबर: करवा चौथ का व्रत इस बार 29 अक्टूबर को है। विवाह के बाद पहली बार यह व्रत रखने वाली महिलाओं के मन में कई सवाल होते हैं। परंपरा के अनुसार पहली करवा चौथ का व्रत विशेष महत्व रखता है, इसलिए इसके नियमों को जानना जरूरी है। यहां नवविवाहिताओं के लिए व्रत के 7 जरूरी नियम बताए गए हैं।
पहला, व्रत का संकल्प सूर्योदय से पहले स्नान के बाद लें। दूसरा, सरगी सास या परिवार की बड़ी महिला के हाथ से ग्रहण करने की परंपरा है। तीसरा, दिनभर निर्जला व्रत रखें — भोजन के साथ पानी भी न पिएं। चौथा, सोलह श्रृंगार करें; मान्यता है कि श्रृंगार से व्रत की पूर्णता बढ़ती है। पांचवां, शाम को करवा माता की कथा अवश्य सुनें — बिना कथा सुने व्रत अधूरा माना जाता है।
छठा, पूजा के समय पति के साथ बैठकर चांद को अर्घ्य दें और फिर पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलें। सातवां, यदि व्रत के दौरान कोई भूल हो जाए तो क्षमा-याचना करके व्रत जारी रखें; परंपरा में पश्चाताप को महत्व दिया गया है। ध्यान रहे कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर व्रत में छूट की मान्यता भी शास्त्रों में है। पहली करवा चौथ पर बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलें।
स्रोत: धार्मिक मान्यता / पंचांग

