नई दिल्ली, 20 अक्टूबर: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। दिनभर के निर्जल उपवास के बाद व्रत खोलने की विधि का भी उतना ही महत्व है, जितना व्रत रखने का। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सही क्रम से व्रत खोलने पर ही व्रत का पूर्ण फल मिलता है, इसलिए चांद निकलने के बाद की हर क्रिया विधि-विधान से करनी चाहिए।
चांद दिखाई देने पर सबसे पहले छलनी से चंद्रमा के दर्शन करें, फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद चंद्रदेव को जल का अर्घ्य दें और ‘ॐ चंद्रमसे नमः’ का स्मरण करें। अर्घ्य के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करें — यही व्रत खोलने का सबसे पवित्र क्षण माना जाता है। फिर पति पत्नी को मिठाई खिलाते हैं और पत्नी पति के पैर छूकर आशीर्वाद लेती है।
इसके बाद सात्विक भोजन से पारण करें। ध्यान रहे कि व्रत खोलने के तुरंत बाद भारी या तला-भुना भोजन न करें — पहले जल, फिर फल या हल्का भोजन लेना अच्छा माना जाता है। पंचांग के अनुसार इस बार चंद्रोदय रात करीब 8:17 बजे (दिल्ली) संभावित है, लेकिन अपने शहर का सही समय स्थानीय पंचांग से जरूर देख लें। मान्यता है कि प्रेम और श्रद्धा से संपन्न यह विधि दांपत्य जीवन में सुख और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद देती है।
स्रोत: धार्मिक मान्यता और पंचांग

