नई दिल्ली, 7 अक्टूबर: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की शांत सवारी अब थोड़ी शोर वाली होने वाली है। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों (CMVR) के Rule 120 में संशोधन कर नए इलेक्ट्रिक वाहनों में Acoustic Vehicle Alerting System (AVAS) लगाना अनिवार्य कर दिया है। पैसेंजर व्हीकल, लाइट कमर्शियल व्हीकल, बसों और ट्रकों जैसी M और N कैटेगरी के नए इलेक्ट्रिक मॉडलों पर यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुका है, जबकि मौजूदा उत्पादन वाले मॉडलों के लिए यह 1 अक्टूबर 2027 से अनिवार्य होगा।
दरअसल, इलेक्ट्रिक गाड़ियां कम स्पीड पर लगभग बिना आवाज के चलती हैं, जिससे सड़क पर चल रहे राहगीरों को उनके आने का अंदाजा नहीं लगता — खासकर भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में। AVAS एक कृत्रिम चेतावनी ध्वनि पैदा करता है, जो AIS-173 मानकों के तहत ऑडिबिलिटी की शर्तें पूरी करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सिस्टम 20 kmph से कम स्पीड पर या रिवर्स करते समय सक्रिय होगा और तेज स्पीड पर अपने आप बंद हो जाएगा, क्योंकि तब टायर और हवा की आवाज ही पर्याप्त चेतावनी देती है।
सरकार ने सितंबर 2025 में इस बदलाव का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर हितधारकों और आम लोगों से सुझाव मांगे थे, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। फिलहाल दोपहिया, तिपहिया और ई-रिक्शा जैसे सबसे बड़े EV सेगमेंट इस नियम के दायरे से बाहर हैं, लेकिन सरकार आगे इन्हें भी शामिल कर सकती है।
स्रोत: Times Drive, Mint

