नई दिल्ली, 15 अक्टूबर: महंगाई लगातार ग्यारहवें महीने बढ़ी है और अब यह आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के 12 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई (CPI) 5.54% पर पहुंच गई, जो अगस्त में 4.83% थी। खाद्य महंगाई 5.97% से बढ़कर 7.74% हो गई है — यानी रसोई का बजट सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
7 अक्टूबर को RBI की मौद्रिक नीति समिति ने साढ़े तीन साल से ज्यादा समय बाद पहली बार रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया था। अब 15 अक्टूबर को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर की बैठक में 0.50% की बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता, और बैठक से पहले भी दरें बढ़ाई जा सकती हैं। RBI का अनुमान है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में महंगाई 6% तक पहुंच सकती है।
आम आदमी के लिए इसका मतलब साफ है — अगर आप होम लोन या पर्सनल लोन के EMI देते हैं, तो ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं। नई लोन लेने की योजना है तो देरी महंगी पड़ सकती है। वहीं बचत के लिए FD पर थोड़ी बेहतर ब्याज दर का फायदा मिल सकता है। दिवाली की खरीदारी में EMI पर सामान लेने से पहले ब्याज की शर्तें जरूर जांच लें।
स्रोत: NSO के आंकड़े और RBI/यूनियन बैंक की रिपोर्ट्स

