Uttarakhand Government Advertisement

पेंशन बदलने के नए नियम: NPS से OPS जाने वालों को नया PPO मिलते ही करना होगा यह काम

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: पेंशन से जुड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस से ओल्ड पेंशन स्कीम यानी ओपीएस में पेंशन मामलों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय यानी सीपीएओ ने 19 अक्टूबर 2026 को कार्यालय ज्ञापन जारी करके संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी की जानकारी दी है। यह नई प्रक्रिया 17 सितंबर 2025 को जारी पुराने दिशा-निर्देशों की जगह लागू की गई है। इसका मकसद पेंशन के पुराने मामलों के निपटारे में आने वाली दिक्कतों को दूर करना है।

यह बदलाव खास तौर पर उन मामलों के लिए है, जिनमें सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता हुई है और लागू नियमों के तहत ओपीएस के अंतर्गत पेंशन या पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था की जानी है। ऐसे मामलों में पेंशन का मामला एनपीएस से ओपीएस में माइग्रेट किया जाता है। पहले इस प्रक्रिया में दस्तावेजों और आदेशों को लेकर कई तरह की अड़चनें आती थीं। संशोधित एसओपी में पेंशन भुगतान आदेश जारी करने और पुराने अस्थायी आदेश को वापस लेने के नियम स्पष्ट किए गए हैं, ताकि पेंशनर और उनके परिवार को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नई प्रक्रिया के तहत सबसे पहले सीपीएओ संबंधित वेतन एवं लेखा कार्यालय यानी पीएओ को उपलब्ध अस्थायी पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीपीओ की स्कैन की गई प्रति और अन्य जरूरी दस्तावेज भेजेगा। इसके बाद पीएओ संबंधित सरकारी कार्यालय यानी कार्यालय प्रमुख से सर्विस बुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेगा। कार्यालय प्रमुख को अपने अग्रेषण पत्र में यह भी प्रमाणित करना होगा कि संबंधित कर्मचारी या पारिवारिक पेंशन का मामला सीसीएस यानी एनपीएस लागू करने के नियम, 2021 के अनुसार नियमित किया जाएगा। इसके बाद नया नियमित पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीओ जारी किया जाएगा।

पेंशनर के लिए सबसे जरूरी काम नया पीपीओ मिलने के बाद करना है। संशोधित प्रक्रिया के मुताबिक, नया नियमित पीपीओ मिलने पर पेंशनर को अपना पुराना अस्थायी आदेश यानी पीपीपीओ संबंधित बैंक में जमा करना होगा। बैंक पुराने पीपीपीओ को अपने पास रखेगा और उसकी संबंधित प्रतियां जरूरी कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजेगा। इससे पेंशन के पुराने और नए रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेंगे और दोहरे भुगतान या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका कम होगी।

एक और जरूरी बात नवंबर महीने से जुड़ी है। हर साल नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का नियम जारी रहेगा। यह नियम एनपीएस से ओपीएस में माइग्रेशन वाले मामलों पर भी लागू होगा। पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा करना जरूरी है। इसलिए नवंबर की शुरुआत में ही बैंक, डाकघर या डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर देना समझदारी होगी।

यह साफ करना भी जरूरी है कि यह बदलाव हर एनपीएस सदस्य के लिए अपने आप ओपीएस में बदलने का आदेश नहीं है। यह केवल उन पात्र मामलों के लिए है, जिनमें लागू नियमों के तहत ओपीएस के अंतर्गत पेंशन या पारिवारिक पेंशन देय है। संबंधित अधिकारियों को नए निर्देशों का समयबद्ध पालन करने के लिए कहा गया है, ताकि पात्र परिवारों को राहत जल्द मिल सके। अगर आपका मामला इस श्रेणी में आता है, तो अपने कार्यालय और बैंक से लिखित जानकारी लें और हर दस्तावेज की प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।

स्रोत: वित्त मंत्रालय के तहत सीपीएओ का 19 अक्टूबर 2026 का कार्यालय ज्ञापन और समाचार रिपोर्ट