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राजस्थान के कर्मचारियों की दिवाली डबल: डीए 63% हुआ, 6 लाख को तदर्थ बोनस भी

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जयपुर, 31 अक्टूबर: राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दिवाली से पहले दोहरी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत तीन फीसदी बढ़ा दी है। अब डीए और डीआर 60 की जगह 63 फीसदी मिलेगा। इसका फायदा 7 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 5 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का फैसला भी किया है।

सातवें वेतनमान के तहत बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई 2026 से लागू माना जाएगा। कर्मचारियों को बढ़े डीए का नकद भुगतान नवंबर 2026 के वेतन से होगा, जो दिसंबर में मिलेगा। 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक के चार महीने की बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों के सामान्य प्रावधायी निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा की जाएगी। पेंशनर्स को बढ़ी हुई महंगाई राहत 1 जुलाई 2026 से ही नकद मिलेगी, यानी उन्हें एरियर का इंतजार जीपीएफ के रूप में नहीं करना होगा।

बोनस के मोर्चे पर वित्त विभाग के आदेश की प्रति के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले राज्य कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिनों की परिलब्धियों के बराबर एडहॉक बोनस दिया जाना है। गणना में मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये और माह 31 दिन का माना गया है, इसलिए पूर्ण पात्रता पर अधिकतम गणना लगभग 6,774 रुपये आती है। भुगतान का विभाजन 75 प्रतिशत नकद और 25 प्रतिशत संबंधित जीपीएफ खाते में किया जाएगा। पात्रता के लिए संशोधित वेतन नियम 2017 के अंतर्गत वेतन स्तर एल-12 या नीचे का होना, अथवा पुराने नियमों में 4,800 रुपये या कम ग्रेड पे की शर्त रखी गई है। साथ ही वित्त वर्ष में कम से कम छह महीने की लगातार सेवा जरूरी है।

इस पूरे पैकेज की कीमत भी बड़ी है। डीए और डीआर बढ़ाने से राज्य सरकार पर 820 करोड़ रुपये और बोनस से 406 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, यानी दोनों फैसलों पर सरकार कुल 1,226 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में कर्मचारी संगठन दीपावली से पहले डीए और बोनस घोषित करने की मांग कर रहे थे और अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने 16 अक्टूबर को कई जिलों में प्रदर्शन भी किया था।

केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को ही केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 से बढ़ाकर 63 फीसदी करने को मंजूरी दी थी, जो 1 जुलाई 2026 से लागू है। राजस्थान ने अब उतनी ही बढ़ोतरी करके अपने कर्मचारियों को केंद्र के बराबर ला दिया है। कर्मचारियों को सलाह है कि वे दिसंबर में मिलने वाली नवंबर की सैलरी स्लिप में बढ़ा हुआ डीए जरूर जांचें और जीपीएफ खाते में चार महीने की राशि की प्रविष्टि भी देख लें। बोनस के लिए अंतिम कार्रवाई से पहले अपने विभाग के मूल आदेश से पात्रता और भुगतान की तारीख की पुष्टि कर लेना समझदारी होगी।

स्रोत: राजस्थान सरकार की घोषणा, वित्त विभाग का आदेश