Uttarakhand Government Advertisement

रुपया 2 महीने के सबसे निचले स्तर पर: ₹96.31 प्रति डॉलर — आपकी जेब पर पड़ेगा ये असर

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 96.31 के स्तर पर बंद हुआ — यह दो महीने से ज्यादा समय का सबसे निचला स्तर है। एक ही दिन में रुपये में 0.5% की गिरावट आई, जो दो महीने की सबसे तेज एकदिवसीय गिरावट है। सरकारी बैंकों की डॉलर बिक्री से गिरावट कुछ थमी, वरना दबाव और बढ़ सकता था।

रुपये के टूटने की वजह

विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से लगातार पैसा निकाल रहे हैं — इस साल अब तक 27.8 अरब डॉलर की निकासी हो चुकी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड दो दशक के उच्च स्तर (5.25%) पर है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगा तेल रुपये पर सीधा दबाव डालता है।

आम आदमी की जेब पर असर

विदेश में पढ़ाई करने वालों की फीस महंगी होगी, विदेश यात्रा का खर्च बढ़ेगा और आयातित सामान — मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक्स — महंगे हो सकते हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।

स्रोत: बाजार रिपोर्ट्स। मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।