मुंबई। अभिनेत्री समांथा रुथ प्रभु को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी पहचान के गैरकानूनी इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए AI डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है।
2 अक्टूबर को जस्टिस माधव जामदार ने अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने AI प्लेटफॉर्म्स, ई-कॉमर्स पोर्टल्स और डिजिटल मीडिया कंपनियों को समांथा के नाम, तस्वीर और आवाज का बिना अनुमति इस्तेमाल करने से रोक दिया।
18 पक्षों के खिलाफ मुकदमा
समांथा ने पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन को लेकर याचिका दायर की थी। उनके मुकदमे में मेटा, गूगल, अमेजन समेत 18 पक्षों को निशाना बनाया गया है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय भी शामिल है। कोर्ट ने जॉन डो आदेश भी दिया है, ताकि अज्ञात उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई हो सके।
कोर्ट ने कहा कि समांथा के पर्सनैलिटी राइट्स संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 21 के तहत संरक्षित हैं। यह फैसला AI के दौर में सेलेब्रिटीज की पहचान की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
समांथा के वकील रश्मिन खांडेकर ने कोर्ट के सामने दुरुपयोग के कई उदाहरण रखे, जिनमें AI से बनी आवाज वाले कंटेंट, अश्लील वीडियो और अभिनेत्री की पहचान का इस्तेमाल करने वाले इंटरैक्टिव AI चैटबॉट शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि ये सभी कार्य समांथा के पर्सनैलिटी, पब्लिसिटी और मोरल राइट्स का प्रथम दृष्टया उल्लंघन दिखाते हैं।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब AI और डीपफेक तकनीक से सेलेब्रिटीज की छवि के दुरुपयोग की चिंता लगातार बढ़ रही है। समांथा की यह कानूनी जीत पर्सनैलिटी राइट्स की लड़ाई में एक अहम मिसाल मानी जा रही है।
स्रोत: Bar and Bench, Bollywood Hungama