चंडीगढ़। हरियाणा में जमीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी चल रही है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) ने प्रस्ताव दिया है कि मौजूदा ‘अनुमत गतिविधियों’ की सूची की जगह ‘प्रतिबंधित गतिविधियों’ की सूची बनाई जाए। यह प्रस्ताव पूरे राज्य में लागू होगा।
क्या बदलेगा
अभी की व्यवस्था में जमीन पर कौन-कौन सी गतिविधियां की जा सकती हैं, इसकी सूची तय है — सूची से बाहर का काम करना मुश्किल होता है। नए प्रस्ताव के तहत इसके उलट होगा: सिर्फ वही गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी जो सूची में दर्ज होंगी, बाकी सब की अनुमति होगी। विभाग का मानना है कि इससे नियम सरल और पारदर्शी होंगे।
विकास पर असर
विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव निवेशकों और डेवलपर्स के लिए राहत भरा हो सकता है, क्योंकि अनुमति की प्रक्रिया कम जटिल होगी। साथ ही नियोजन अधिकारियों के विवेकाधिकार में कमी आएगी, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी घटेगी। हालांकि पर्यावरण और कृषि भूमि की सुरक्षा को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं।
अभी प्रस्ताव के चरण में
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और अंतिम निर्णय से पहले विभिन्न हितधारकों की राय ली जा सकती है। अगर लागू हुआ, तो यह हरियाणा के शहरी नियोजन में दशकों बाद होने वाला सबसे बड़ा सुधार होगा, जिसका असर गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहरों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा।



