चंडीगढ़, 6 अक्टूबर: धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने Punjab और Haryana के कुल 34 जिलों में flying squads तैनात कर दी हैं। इन दस्तों का काम सिर्फ आग लगने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खेतों में आग लगने से पहले ही रोकथाम की कार्रवाई करना है।
Punjab में ये squads 18 जिलों में काम करेंगी, जिनमें Sangrur, Tarn Taran, Firozpur, Muktsar, Bathinda, Amritsar, Moga, Mansa, Fazilka, Patiala, Ludhiana, Kapurthala, Faridkot, Barnala, Malerkotla, Gurdaspur, Jalandhar और Fatehgarh Sahib शामिल हैं। ये सभी धान के प्रमुख उत्पादक जिले हैं, जहां हर साल सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं होती हैं।
Haryana में 16 जिलों में तैनाती हुई है — Jind, Fatehabad, Hisar, Kaithal, Sonipat, Rohtak, Sirsa, Karnal, Palwal, Jhajjar, Kurukshetra, Ambala, Yamunanagar, Faridabad, Panipat और Hansi। अक्टूबर और नवंबर का समय सबसे संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच किसानों के पास खेत खाली करने के लिए बहुत कम समय होता है।
CAQM की 5 अक्टूबर तक अपडेटेड रिपोर्ट के अनुसार Punjab में इस सीजन में अब तक 84 आग की घटनाएं दर्ज हुई हैं। इनमें से 78 मामलों में field inspection हुआ और 30 जगहों पर पराली जलाना साबित पाया गया। 28 मामलों में कुल 1.40 लाख रुपये का environmental compensation लगाया गया, जिसमें से 55,000 रुपये वसूल भी किए जा चुके हैं। 13 मामलों में farm records में red entry दर्ज की गई, एक FIR हुई और 36 warning व show-cause notices जारी किए गए।
सबसे ज्यादा 49 घटनाएं Amritsar जिले में दर्ज हुईं, जहां 13 जगहों पर आग जलाना साबित हुआ और 55,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। Tarn Taran में 18 घटनाओं में से 9 जगहों पर जलाना साबित पाया गया। प्रशासन का कहना है कि enforcement के साथ-साथ किसानों को मशीनों से पराली प्रबंधन के विकल्प भी दिए जा रहे हैं।
स्रोत: CAQM की 5 अक्टूबर की enforcement report और संबंधित न्यूज़ रिपोर्ट

