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VBG Ramji Yojana-1 जुलाई से लागू हो रही ये स्कीम, मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार मिलेगा

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VBG Ramji Yojana-देश के ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दशकों से गांवों में रोजगार की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की अब अधिकारिक तौर पर विदाई हो रही है। इसकी जगह अब 1 जुलाई से एक नई और ज्यादा प्रभावी योजना जमीन पर उतरने वाली है। इसे ‘वीबीजीरामजी’ (VBG Ramji Yojana) अधिनियम का नाम दिया गया है। असल में, यह सिर्फ एक नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के हकों और सहूलियतों को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत करने की एक बड़ी पहल है। आगामी 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से इस महत्वकांक्षी योजना का औपचारिक और भव्य शुभारंभ किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की कमान केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों में होगी। बताया जा रहा है कि इस मेगा इवेंट में देश भर के अलग-अलग राज्यों के ग्राम विकास मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने-अपने गांवों से सीधे जुड़ेंगे। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में इस पूरी रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी है।

VBG Ramji Yojana के तहत अब 125 दिन की रोजगार गारंटी

दरअसल, जब से इस नई योजना की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, तब से ग्रामीण मजदूरों और पंचायत स्तर पर कई तरह की आशंकाएं जन्म ले रही थीं। लेकिन सरकार ने इन सभी भ्रांतियों को सिरे से खारिज कर दिया है। नई योजना की सबसे बड़ी और राहत देने वाली खासियत यह है कि अब ग्रामीण कामगारों को 100 दिन की बजाय पूरे 125 दिन का काम दिया जाएगा। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने साफ किया है कि VBG Ramji Yojana पूरी तरह से पारदर्शिता पर आधारित होगी। नई तकनीक और डिजिटल व्यवस्थाओं को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे मजदूरों के अधिकारों के रास्ते में रोड़ा बनने के बजाय उनके लिए एक बड़े मददगार के रूप में काम करेंगी। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सख्त हिदायत दी है कि काम मांगने वाले किसी भी मजदूर के रोजगार का एक घंटा भी व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।

हरियाणा सहित 18 राज्यों ने पूरी कर ली है तैयारी

नई योजना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी पूरी तरह से मुस्तैद हैं। राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में तमाम बड़े अधिकारियों ने राज्यवार तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। हालांकि 1 जुलाई से यह नया अधिनियम मनरेगा की जगह लागू हो जाएगा, लेकिन हर राज्य को अपनी भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के हिसाब से इसके नियम अधिसूचित करने हैं। अब तक देश के 18 राज्य इस बेहद अहम चरण को पूरा कर चुके हैं। अगर बात हरियाणा की करें, तो वहां भी सोमवार तक इस योजना की नई अधिसूचना जारी होने की पूरी संभावना है।

सरपंचों से लेकर ग्राम सचिवों तक की हो रही है विशेष ट्रेनिंग

किसी भी नई योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले कितने प्रशिक्षित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। डॉ. चौहान के मुताबिक, उनका हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान इस योजना को लागू करने में एक अहम धुरी बना हुआ है। फिलहाल युद्ध स्तर पर प्रशिक्षण का काम जारी है। आने वाले दिनों में यह ट्रेनिंग जिला और खंड स्तर से होते हुए सीधे गांवों के सरपंचों और ग्राम सचिवों तक पहुंचेगी, ताकि धरातल पर योजना का क्रियान्वयन बिना किसी रुकावट के हो सके।

स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, वीबीजीरामजी योजना को लेकर गांवों में खासा उत्साह है। सरकार का भी यह स्पष्ट विजन है कि आने वाले समय में इस योजना के तहत होने वाले ग्रामीण विकास कार्यों की सूची में लगातार नए कामों को जोड़ा जाएगा और सुधार किए जाएंगे। कुल मिलाकर, मनरेगा की इस ‘उत्तराधिकारी’ योजना से यह उम्मीद बंध रही है कि अब ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसर सिर्फ कागजों तक सीमित न रहकर, पूरी पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद के हाथ तक पहुंचेंगे।