नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: दिल्ली-NCR में सर्दी के साथ प्रदूषण का मौसम भी शुरू हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 20 अक्टूबर को 179 (मध्यम श्रेणी) था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 (खराब श्रेणी) पर पहुंच गया। भारतीय मौसम विभाग और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी AQI खराब श्रेणी में ही बना रहेगा।
GRAP-1 तब लागू होता है जब AQI 201 से 300 के बीच पहुंचता है। इसके तहत होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूरों में कोयला और लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी। डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल सिर्फ आपात या आवश्यक कार्यों में ही किया जा सकेगा। इसके अलावा सड़कों की मशीन से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों की कड़ी जांच, कूड़ा-पत्तियां जलाने पर रोक और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों, बिजली संयंत्रों व ईंट-भट्ठों की निगरानी तेज की जाएगी।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस बार GRAP-1 पिछले वर्षों की तुलना में देर से लागू हुआ है, जो प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि प्रदूषणकारी वाहनों पर पाबंदी, कार्यालयों के अलग-अलग समय और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे एहतियाती उपायों पर भी सरकार विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र वाले वाहनों को दिल्ली में ईंधन नहीं मिलेगा।
आम लोगों के लिए सलाह: अपनी गाड़ी का PUC प्रमाणपत्र अपडेट रखें, कहीं खुले में कूड़ा जलता देखें तो शिकायत करें, और बुजुर्ग व बच्चे बाहरी गतिविधियां सीमित रखें। CAQM AQI और मौसम पर नजर रखेगा — जरूरत पड़ी तो और कड़े चरण लागू किए जा सकते हैं।
स्रोत: पीटीआई/द हिंदू बिजनेसलाइन, जगरण जोश (21 अक्टूबर 2026)

