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मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई-गुजरात हाईवे पर लगा 40 किलोमीटर का महाजाम

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महाराष्ट्र और गुजरात में बीते कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे हालात बदतर हो गए हैं। महाराष्ट्र-गुजरात चेक पोस्ट के पास पिछले 72 घंटे से बारिश की वजह से हालात बेहद खराब हैं। जीरो कनेक्टिविटी की वजह से दोनों राज्यों के बीच संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि कई जगहों पर राहत और बचाव दल के द्वारा रेस्क्यू अभियान भी चलाया जा रहा है। इस बीच आर्मी के जवान जो महाराष्ट्र से गुजरात की तरफ जा रहे थे, वह भी ट्रैफिक में फंस गए हैं। फिलहाल वापी चेक पोस्ट अभी भी बंद है।

35-40 किलोमीटर लंबा जाम
वहीं मुंबई से गुजरात की तरफ जाने वाले NH-48 का हाल बेहाल है। यहां नेशनल हाईवे पर 35 से 40 किलोमीटर का लंबा जाम लगा हुआ है। ये गाड़ियां पिछले 2-3 दिनों से हाईवे पर जाम में फंसी हुई हैं। गाड़ियों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है, जिस वजह से जो जहां है वह वहीं पर रुका हुआ है। हालांकि कल रात से बारिश कम थी, लेकिन अब एक बार फिर से तेज बारिश शुरू हो गई है, जिससे आम लोगों की समस्या बढ़ती जा रही है।

ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित
दूसरी तरफ भारी बारिश की वजह से रेल सेवाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। दक्षिण गुजरात में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण गुरुवार को मुंबई जाने वाली 7 यात्री ट्रेनों को मध्य प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया। पश्चिमी रेलवे के रतलाम डिवीजन के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि मुंबई सेंट्रल डिवीजन के घोलवाद-उमरगम रोड खंड में एक पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण दिल्ली-मुंबई खंड पर परिचालन प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि ट्रेनों को रतलाम, नमली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थंदला रोड और बामनिया स्टेशनों पर रोका गया।

पालघर में 244 लोगों को किया रेस्क्यू
इसके अलावा महाराष्ट्र के पालघर में पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण दो लोगों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की दो टीमों ने रात भर बचाव अभियान चलाया। इस दौरान बाढ़ग्रस्त इलाकों से 244 लोगों को बचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से जिले के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को शुक्रवार को भी बंद रहने का निर्देश दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि बहु-एजेंसी बचाव और राहत अभियान सुबह करीब 5 बजे समाप्त हुआ। भारी बारिश के बाद पालघर के कई इलाके जलमग्न हो गए, जिनमें दहानू और तलसारी सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र थे।